Bankim Chandra Chattopadhyay Jayanti: भारत के इतिहास में कुछ ऐसी महान हस्तियां रही हैं, जिनकी लेखनी ने पूरे देश में आजादी की अलख जगा दी थी। ऐसे ही एक महान साहित्यकार और राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की शुक्रवार को जयंती मनाई जा रही है। इस खास मौके पर देश के कई बड़े नेताओं ने उनके अमूल्य योगदान को याद किया और उन्हें नमन किया।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जयंती (Bankim Chandra Chattopadhyay Jayanti)
साहित्य और देशभक्ति का जब भी जिक्र आता है, तो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी जयंती के अवसर पर पूरे देश में उनके महान कार्यों को याद किया गया। उन्होंने अपनी कलम की ताकत से भारतीयों की कई पीढ़ियों के भीतर अपनी संस्कृति और देश के प्रति गर्व की भावना पैदा की थी। उनका काम हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है।
PM Modi की श्रद्धांजलि
PM Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए इस महान साहित्यकार को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने लिखा कि बंकिम बाबू की रचनाओं ने न सिर्फ लोगों में देशभक्ति जगाई, बल्कि उनका साहित्यिक काम आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए हमें प्रेरित करता है। पीएम ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे मजबूत प्रेरणाओं में से एक बताया।
Tributes to the great Bankim Chandra Chattopadhyay on his Jayanti.
A towering literary luminary, his writings awakened a spirit of patriotism and cultural pride among generations of Indians. His rich literary work continues to illuminate minds and strengthen our collective…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 26, 2026
वंदे मातरम (Vande Mataram) 150 वर्ष
इस बार की जयंती इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि देश ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि आजादी की लड़ाई के दौरान यह हर हिंदुस्तानी और क्रांतिकारी की आवाज बन गया था। आज 150 साल बाद भी जब यह गीत गूंजता है, तो पूरे देश को एकता और राष्ट्रप्रेम के धागे में पिरो देता है।
आनंदमठ और राष्ट्रीय चेतना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मौके पर बंकिम चंद्र जी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी अमर कृति ‘आनंदमठ’ ने देश में मातृभूमि के प्रति समर्पण और त्याग की भावना भरी। शाह ने कहा कि उनके इसी वैचारिक आधार और ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई ऊर्जा प्रदान की थी।
মহান সাহিত্যিক এবং সাংস্কৃতিক জাতীয়তাবাদের অগ্রদূত বঙ্কিমচন্দ্র চট্টোপাধ্যায়-এর জন্মজয়ন্তীতে তাঁকে জানাই সশ্রদ্ধ প্রণাম।
তাঁর অমর সৃষ্টি ‘আনন্দমঠ’-এর মাধ্যমে তিনি মাতৃভূমির প্রতি আত্মনিবেদন, ত্যাগ এবং জাতীয় চেতনার বার্তা দিয়েছিলেন।
‘বন্দে মাতরম্’ রচনার মাধ্যমে তিনি ভারতীয়… pic.twitter.com/GXCT8K4alS
— Amit Shah (@AmitShah) June 26, 2026
शाहूजी महाराज को नमन
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के साथ-साथ पीएम मोदी ने राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर भी उन्हें याद किया। उन्होंने शाहूजी महाराज को सामाजिक न्याय और समानता का प्रबल समर्थक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पिछड़े, वंचित और शोषित वर्ग के उत्थान के लिए लगा दिया था। उनके आदर्श हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें आदरपूर्ण श्रद्धांजलि! वे सामाजिक न्याय और समानता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके महान कार्य और आदर्श युगों-युगों तक राष्ट्र का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 26, 2026
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और शाहूजी महाराज जैसे महापुरुषों का जीवन हमें यह सिखाता है कि साहित्य और समाज सेवा से देश की दिशा बदली जा सकती है। आज भी जब हम ‘वंदे मातरम’ सुनते हैं, तो हमारे भीतर वही ऊर्जा और देशभक्ति दौड़ जाती है। इन महापुरुषों के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हमेशा एक मार्गदर्शक का काम करेंगे।

