Varanasi International Airport News: उत्तर प्रदेश के Varanasi से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। बैंकॉक से आए छह थाईलैंड के नागरिकों को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ पकड़ा गया है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
कैसे खुली तस्करों की पोल?
यह पूरी कार्रवाई 30 मई 2026 को हुई, जब बैंकॉक से Varanasi पहुंची फ्लाइट संख्या IX-215 के यात्रियों की जांच की जा रही थी। एयरपोर्ट पर तैनात एयर कस्टम्स की टीम को एक्स-रे स्क्रीनिंग के दौरान कुछ यात्रियों पर शक हुआ। इसके बाद छह विदेशी यात्रियों को रोककर जब उनके ट्रॉली बैग की गहन तलाशी ली गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने बैग के निचले हिस्से में चालाकी से गुप्त कैविटी (खास जगह) बनाई हुई थी, जिसमें नशीले पदार्थ को छिपाकर रखा गया था।
करोड़ों की ड्रग्स बरामद
कस्टम विभाग ने बैगों से hydroponic गांजा के कुल 22 पैकेट बरामद किए हैं। इस जब्त किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन लगभग 19.70 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत तकरीबन 19.70 करोड़ रुपये आंकी गई है। पकड़े गए तस्करों की पहचान विचनचाई फलाकित, नत्थाफोंग चंतराक, प्राचाया यीकोर, प्रिसाना चोडमोन, पट्टामावान चोटिमोन और सुनिसा पुएटपाकवान के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग पहले भी कोलकाता और गया के रास्ते भारत में ड्रग्स की तस्करी कर चुका है।
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क्या होता है Hydroponic गांजा?
बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि यह सामान्य गांजे से कैसे अलग है? दरअसल, इसे ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ भी कहा जाता है। यह आम गांजे की तुलना में कहीं अधिक नशीला और असरदार होता है। इसे उगाने के लिए मिट्टी की जरूरत नहीं होती, बल्कि इसे नियंत्रित माहौल में पोषक तत्वों से भरपूर पानी के सहारे उगाया जाता है। आपको बता दें कि पिछले तीन महीनों में वाराणसी एयरपोर्ट से लगभग 64 किलोग्राम ऐसा गांजा पकड़ा जा चुका है।
Varanasi एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि बैंकॉक के रास्ते भारत में महंगे ड्रग्स की सप्लाई करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। हालांकि, कस्टम और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के कारण इस बार तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। फिलहाल पुलिस और कस्टम की टीमें इन विदेशी नागरिकों से आगे की पूछताछ कर रही हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
