India-Oman Trade Deal: India-Oman के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को एक नए युग में ले जाने वाला ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) आज (1 जून) से पूरी तरह लागू हो गया है. इस विशेष समझौते पर पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मस्कट यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस समझौते के शुरू होने की आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे नई दिल्ली के आर्थिक मिशन का एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया. उन्होंने कहा कि यह समझौता हमारे छात्रों, शिल्पकारों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई (MSMEs) के लिए नए वैश्विक बाजार खोलकर निर्यात को बढ़ाने, बड़े निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन को गति देने में बेहद मददगार साबित होगा.
A new chapter unfolds 🇮🇳🇴🇲
As the India-Oman Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) comes into force today, I write about how it will deepen the economic & strategic ties between the two nations.
Guided by PM @NarendraModi ji’s vision of expanding India’s global… pic.twitter.com/yPYEokAbzS
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) June 1, 2026
स्ट्रैट ऑफ़ हॉर्मुज संकट के बीच ओमान बनेगा भारत का नया सुरक्षित रूट
यह व्यापारिक समझौता ऐसे नाजुक समय में प्रभावी हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की आवाजाही, विशेष रूप से स्ट्रैट ऑफ़ हॉर्मुज में गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. गौरतलब है कि यह संकरा समुद्री मार्ग वैश्विक दैनिक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत और दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का 25 प्रतिशत संभालता है, जिससे यह दुनिया का सबसे संवेदनशील एनर्जी चोकपॉइंट माना जाता है. ईरान के इस मार्ग पर नियंत्रण के चलते सऊदी अरब, कतर और यूएई से भारत आने वाले तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आई है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है. ऐसे में ओमान की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए संजीवनी बनकर उभरी है, क्योंकि ओमान की अधिकांश तटरेखा हॉर्मुज के दायरे से बाहर सीधे अरब सागर और ओमान की खाड़ी में खुलती है. थिंक टैंक ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के मुताबिक, इस समझौते के बाद ओमान के सलालाह और दुक्म जैसे प्रमुख बंदरगाह खाड़ी संकट के समय भी भारत के लिए एक भरोसेमंद व्यापार और ऊर्जा गेटवे के रूप में काम करते रहेंगे.
भारतीय सामानों को मिलेगी जीरो-ड्यूटी एंट्री, ओमान को भी बड़ा फायदा
इस समझौते (CEPA) के तहत ओमान अपने 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर भारतीय सामानों को जीरो-ड्यूटी (शून्य शुल्क) पहुंच प्रदान कर रहा है, जिससे ओमान को होने वाले भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को सीधा लाभ मिलेगा. पहले केवल 15.3 प्रतिशत सामानों को ही यह छूट हासिल थी. इसके तहत भारत के प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे रत्न और आभूषण, कपड़ा, चमड़ा, जूते, खेल के सामान, प्लास्टिक, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, दवाएं और ऑटोमोबाइल को ओमान के बाजार में बिना किसी सीमा शुल्क के प्रवेश मिलेगा, जिससे वहां भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता काफी बढ़ जाएगी. वित्तीय वर्ष 2026 में भारत ने ओमान को लगभग 3.64 अरब डॉलर का निर्यात किया था, जिसमें मुख्य रूप से रिफाइंड पेट्रोलियम, नाफ्था, लोहा और चावल शामिल थे. वहीं बदले में भारत भी ओमान से आने वाले लगभग 78 प्रतिशत उत्पादों पर टैरिफ कम या समाप्त करेगा, जिससे ओमान को भारत में कच्चे तेल (1.6 अरब डॉलर), एलएनजी (1.2 अरब डॉलर) और उर्वरकों (843 मिलियन डॉलर) का निर्यात बढ़ाने में भारी मदद मिलेगी.
