बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में बीती रात एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। तीन मंजिला मकान में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के पांच लोगों की जिंदगियां निगल लीं, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मोतीपुर वार्ड नंबर 13 में आधी रात करीब दो बजे अचानक धुआं उठता देखा गया, जिसके कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना इतनी तेज़ थी कि पड़ोसियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चारों ओर से उठती आग की लपटें और चीखें देर रात पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा छोड़ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
दुर्घटना स्थल ललन साह पिता गेना साह का घर बताया जा रहा है, जहां पूरा परिवार सोया हुआ था। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों के पास बच निकलने का कोई रास्ता नहीं रहा। स्थानीय लोग फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही बेतहाशा बाल्टियों और टंकियों से आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आग इतनी भीषण थीं कि किसी के हाथ कुछ नहीं लगा। इस दौरान पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बाकियों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। घायलों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिनका इलाज मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और स्थानीय अस्पतालों में जारी है।
डीएसपी पश्चिमी, सुचित्रा कुमारी के अनुसार, “प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना सामने आई है। आग इमारत की तीसरी मंजिल पर लगी, जहां परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। दमकल की टीम ने तेजी से कार्रवाई कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।” उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फॉरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस आग के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है, जबकि मोहल्ले के लोग अब तक उस भयावह रात को याद कर सिहर जाते हैं।
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मृतकों की पहचान ललन साह, उनकी मां सुशीला देवी, पत्नी पूजा और दो बेटियां सृष्टि व गोलू के रूप में हुई है। झुलसे अन्य लोगों में लालबाबू प्रसाद, माला देवी, साक्षी कुमारी, अर्जुन कुमार, ऋषभ कुमार और अमन कुमार शामिल हैं। इनमें चार की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है। ज्यादातर लोग आग की लपटों से घिरे होने के कारण बुरी तरह झुलस गए थे। सरकार की ओर से जिला प्रशासन को पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता देने का निर्देश जारी किया गया है। स्थानीय विधायक और प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
मोतीपुर के निवासियों ने बताया कि बिजली के तारों की स्थिति लंबे समय से खराब थी और कई बार बिजली विभाग से शिकायत की गई थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान के अंदर वायरिंग पुरानी थी और बारिश के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ। प्रशासन ने क्षेत्र के सभी घरों में सुरक्षा जांच करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल इलाके में गहरा शोक व्याप्त है। लोग मृतकों के घर के बाहर इकट्ठा होकर मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस घटना से मुजफ्फरपुर में दहशत का माहौल बन गया है। फिलहाल, सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पूरे क्षेत्र में बिजली कनेक्शन जांचने का अभियान शुरू किया गया है।