Adani Power Shares: भारतीय शेयर बाजार से इस समय एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिजली क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अडानी पावर ने मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) के मामले में आईटी सेक्टर की महारथी कंपनी इंफोसिस को पीछे छोड़ दिया है। इस बड़ी फेरबदल के साथ ही अडानी पावर अब देश की 11वीं सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। शेयर बाजार में आए इस बड़े उलटफेर ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों दोनों को हैरान कर दिया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इसके पीछे की असली वजह क्या है। बुधवार को Adani Power Shares में आई 3% की शानदार तेजी की वजह से कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹4.80 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। इसके मुकाबले इंफोसिस के शेयरों में आई गिरावट के चलते उसका मार्केट कैप घटकर ₹4.68 लाख करोड़ रह गया। इस साल अडानी पावर के स्टॉक ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है और इसमें इस वर्ष अब तक करीब 66% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की जा चुकी है, जबकि पिछले एक साल का रिटर्न देखें तो यह 125% से भी ज्यादा रहा है।
भीषण गर्मी और बिजली की रिकॉर्ड मांग से मिला फायदा
अडानी पावर के स्टॉक में आई इस ऐतिहासिक तेजी की सबसे बड़ी वजह देश में पड़ रही भीषण गर्मी है। इस सीजन में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचने से एसी और कूलर का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गया है। देश में बिजली की अधिकतम मांग अनुमान को पार करते हुए 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई है। भारत की सबसे बड़ी निजी तापविद्युत (थर्मल) उत्पादक कंपनी होने के नाते अडानी पावर को इस बढ़ती खपत का सीधा फायदा मिल रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा इसमें लगातार बढ़ रहा है।
एआई के डर से आईटी सेक्टर पर बढ़ा दबाव
एक तरफ जहां बिजली कंपनियों के स्टॉक भाग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंफोसिस जैसी दिग्गज आईटी कंपनी के लिए साल 2026 काफी मुश्किलों भरा रहा है। तकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से आईटी सेवाओं में बड़े बदलाव की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर खर्चों में कटौती और एच1बी वीजा शुल्क में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियों ने इंफोसिस के शेयरों पर भारी दबाव बना दिया है, जिसके कारण इसके मार्केट कैप में बड़ी गिरावट आई है।
भविष्य के लिए कंपनी का बड़ा प्लान
अडानी पावर सिर्फ आज की मांग को पूरा नहीं कर रही, बल्कि भविष्य के लिए भी बड़े कदम उठा रही है। वित्त वर्ष 2026 में 18.15 गीगावाट क्षमता का संचालन करने वाली यह कंपनी अब साल 2032 तक अपनी क्षमता को बढ़ाकर 42 गीगावाट करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कोरबा और महान जैसी बड़ी परियोजनाओं के साथ-साथ कंपनी भूटान में जलविद्युत (हाइड्रोपावर) प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है। यही वजह है कि मशहूर ब्रोकरेज फर्म प्रभादास लिल्लाधर ने भी इसे अपनी पसंदीदा लिस्ट में टॉप पर रखा है।






