नई दिल्ली। कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नन्दी ने कहा कि आज हम जिस विकसित और सशक्त भारत का स्वरूप देख रहे हैं, उसके निर्माण की नींव देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखी थी। उन्होंने आजादी के बाद 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को अखंड राष्ट्र के रूप में स्थापित किया और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार किया।
नन्दी ने कहा कि सरदार पटेल न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि एक दृढ़ राष्ट्रनिर्माता भी थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, कुशल नेतृत्व और अटूट देशभक्ति से भारत को एकता के सूत्र में बांधा।
“माई भारत” पदयात्राओं से बढ़ेगी राष्ट्रीय एकता की भावना
मंत्री ने बताया कि युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के माध्यम से आयोजित “माई भारत” पदयात्राएँ (My Bharat Yatras) युवाओं में राष्ट्रीय गौरव, सामाजिक जिम्मेदारी और एकता की भावना को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न से प्रेरित है जिसमें वे जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की बात करते हैं।
“सरदार एट 150 यूनिटी मार्च” का शुभारंभ
नन्दी ने बताया कि इसी श्रृंखला में 6 अक्टूबर 2025 को “सरदार एट 150 यूनिटी मार्च” की शुरुआत की गई है, जो लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है।
इस मार्च में देशभर के युवा, छात्र, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं शामिल होंगी।
इसका उद्देश्य राष्ट्र की एकता, अखंडता और जनसहभागिता को मजबूत बनाना है।
सरदार पटेल की विरासत – एकता का प्रतीक
नन्दी ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी भारत को दिशा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि “अगर उस समय सरदार पटेल ने रियासतों को एक नहीं किया होता, तो भारत आज इतने मजबूत स्वरूप में नहीं होता।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे “माई भारत” यूनिटी मार्च जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें और देश की एकता को और मजबूत बनाएं।
प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रेरित अभियान
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज का भारत आत्मनिर्भरता और एकता के नए आयाम गढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि “सरदार पटेल का आदर्श प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूलमंत्र में जीवित है।”
नन्दी ने यह भी कहा कि देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझना चाहिए, क्योंकि यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी सरदार पटेल को।
राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी यह जयंती
सरकार ने निर्णय लिया है कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती को “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में विशेष रूप से मनाया जाएगा।
इस अवसर पर देशभर में एकता दौड़, राष्ट्रगान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति पर आधारित प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह दिन हर भारतीय को यह याद दिलाने के लिए है कि हम सब मिलकर ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
