सहारनपुर। वस्तु एवं सेवाकर (GST) विभाग ने कर चोरी के तीन बड़े मामलों का खुलासा कर जिले में हड़कंप मचा दिया है। विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें सबसे बड़ा मामला रूखसार ट्रेडर्स के संचालक मोहम्मद जावेद से जुड़ा है, जिस पर ₹7 करोड़ 39 लाख से अधिक की जीएसटी चोरी का आरोप लगाया गया है। विभाग के अनुसार, आरोपी ने बोगस फर्मों के माध्यम से फर्जी लेन-देन दिखाकर टैक्स चोरी की और सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, रूखसार ट्रेडर्स नाम की इस फर्म ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये का फर्जी क्लेम किया। जांच में पाया गया कि फर्म ने दर्जनों ऐसी कंपनियों से खरीद-बिक्री दिखाई जो वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं थीं। जब विभाग ने इन फर्मों की सत्यापन प्रक्रिया शुरू की, तो पता चला कि अधिकतर पते फर्जी हैं और कोई वैध व्यापारिक गतिविधि वहां नहीं हो रही थी।
विभाग ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को भेजी, जिसके आधार पर कोतवाली सदर बाजार सहित कई थानों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा, दो अन्य फर्मों पर भी लाखों रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिनके संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि “जीएसटी विभाग की रिपोर्ट के बाद तीन अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें सबसे बड़ा मामला 7 करोड़ 39 लाख रुपये की कर चोरी का है। पुलिस आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों की जांच कर रही है और संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
एसएसपी ने यह भी कहा कि कर चोरी के ऐसे मामलों में केवल फर्म संचालक ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंट या बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अगर जांच में किसी और व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सहारनपुर में फर्जी इनवॉइस के जरिए जीएसटी चोरी का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला है। इस तरह की गतिविधियां न केवल कर व्यवस्था को कमजोर करती हैं, बल्कि सरकार के राजस्व पर सीधा असर डालती हैं। कर चोरी रोकने के लिए विभाग अब जिले के व्यापारिक प्रतिष्ठानों की विशेष जांच अभियान चलाने जा रहा है।
विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे वैध लेन-देन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत जीएसटी कार्यालय को दें। उधर, पुलिस ने बताया कि तीनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और आवश्यक दस्तावेजों को सील कर जब्त किया गया है।
सहारनपुर के व्यापारिक हलकों में इस खुलासे के बाद हलचल मच गई है। कई व्यापारियों ने विभाग की सख्त कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी और कर चोरी करने वाले तत्वों पर अंकुश लगेगा।