Saharanpur: उत्तर प्रदेश के Saharanpur मंडल में कानून-व्यवस्था और यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने DIG कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर यातायात व्यवस्था प्रभावित करने और जाम लगाने के आरोप में कैराना लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
इस मामले में पुलिस ने उप-निरीक्षक संजय कुमार शर्मा की तहरीर पर सांसद इकरा हसन, पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप सहित 7 नामजद और 20 से 25 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला और पुलिस कार्रवाई?
यह पूरा घटनाक्रम शामली जिले के जसाला गांव निवासी एक युवक की मृत्यु की जांच से जुड़ा हुआ है:
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जांच की मांग: 21 अप्रैल को शामली के जसाला गांव के रहने वाले मोनू कश्यप का शव रेलवे ट्रैक के पास मिला था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पूर्व में ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते मोनू को शराब पिलाने के बाद ट्रेन के आगे धक्का दे दिया था।
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DIG कार्यालय आगमन: इस मामले की आगे की निष्पक्ष जांच और कतिपय बिंदुओं को लेकर मंगलवार (19 मई) को सांसद इकरा हसन मृतक की मां के साथ सहारनपुर में DIG अभिषेक सिंह से मुलाकात करने उनके कार्यालय पहुंची थीं।
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सड़क पर जाम की स्थिति: जब सांसद कार्यालय के भीतर थीं, तब उनके बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता DIG कार्यालय के बाहर मुख्य मार्ग और पार्किंग एरिया में एकत्रित हो गए। इस भारी भीड़ के कारण वीआईपी रूट और आम सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
Saharanpur पुलिस ने लिया प्रशासनिक एक्शन
सड़क पर कानून-व्यवस्था और यातायात को बहाल करने के लिए पुलिस प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए:
हिरासत और रिहाई: पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए सांसद इकरा हसन को प्रशासनिक हिरासत में लिया और उन्हें महिला थाने ले जाया गया। वहां लगभग 10 मिनट तक बैठाने और स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि, मौके पर शांतिभंग करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस द्वारा सार्वजनिक की गई एफआईआर के मुताबिक, सरकारी कार्य में बाधा डालने और बिना अनुमति सड़क बाधित करने के आरोप में जिन 7 प्रमुख लोगों को नामजद किया गया है, उनमें शामिल हैं:
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इकरा हसन (सांसद, कैराना)
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मांगेराम कश्यप (पूर्व राज्यमंत्री)
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तेजपाल सिंह
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अजय
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अनुज
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शीशपाल
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सत्यपाल
इनके अलावा, मौके पर मौजूद 20 से 25 अज्ञात प्रदर्शनकारियों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। सहारनपुर पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कानून के समक्ष सभी समान हैं और किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था तथा यातायात नियमों को हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस इस मामले की विधिक जांच कर रही है।






