शनिवार तड़के Ghaziabad के पटेल नगर इलाके के लोगों के लिए किसी डरावने सपने जैसा रहा। जब पूरी दुनिया चैन की नींद सो रही थी, तभी करीब 3 बजे एक एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे ने न केवल संपत्ति का नुकसान किया, बल्कि एक परिवार का सहारा भी छीन लिया।

धमाकों की गूंज और दहशत का माहौल
हादसा पटेल नगर के प्लॉट नंबर एफ-87 में स्थित एक एसी सर्विस सेंटर में हुआ। यह इमारत तीन मंजिला थी और इसके अंदर बड़ी मात्रा में एसी की गैस के सिलेंडर और कंप्रेसर रखे हुए थे। आग लगते ही इन सिलेंडरों में एक के बाद एक कई धमाके हुए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि Ghaziabad के इस रिहायशी इलाके में रहने वाले लोग सहम गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाके सुनकर उन्हें लगा कि पास की किसी फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट हो गया है। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।

फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही Ghaziabad फायर स्टेशन और कोतवाली की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर से भी दमकल की गाड़ियों को बुला लिया। कुल आठ गाड़ियों और दर्जनों फायर कर्मियों ने मोर्चा संभाला। धुआं इतना घना था कि अंदर जाना मुश्किल था, इसलिए कर्मियों ने विशेष ‘बीए सेट’ पहनकर बिल्डिंग में प्रवेश किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी कुछ राख हो चुका था।
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एक बुजुर्ग की मौत और भारी आर्थिक नुकसान
इस आग ने न केवल बिल्डिंग को अपनी चपेट में लिया, बल्कि अंदर मौजूद जिंदगियों पर भी हमला किया। रेस्क्यू के दौरान ग्राउंड फ्लोर पर 80 साल के बुजुर्ग त्रिलोकी नाथ मृत अवस्था में मिले। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि उनकी मौत आग से जलने के बजाय धुएं में दम घुटने के कारण हुई। Ghaziabad पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा, आग की गर्मी इतनी ज्यादा थी कि बिल्डिंग के अंदर खड़ी दो कारें और करीब दस मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं।

जांच के घेरे में सर्विस सेंटर
यह सर्विस सेंटर ओंकार तोमर का बताया जा रहा है। Ghaziabad प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि आग लगने की असली वजह क्या थी—क्या यह शॉर्ट सर्किट था या लापरवाही? घनी आबादी के बीच इस तरह सिलेंडरों का भंडारण करना भी जांच का एक बड़ा विषय है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि समय रहते फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया, वरना आसपास की इमारतों को भी भारी नुकसान हो सकता था।
Ghaziabad में हुई यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करती है। रिहायशी इलाकों में चल रहे ऐसे सर्विस सेंटरों में अग्निशमन उपकरणों की कमी अक्सर जानलेवा साबित होती है। उम्मीद है कि इस हादसे के बाद प्रशासन सख्त कदम उठाएगा ताकि दोबारा किसी परिवार को अपना बुजुर्ग न खोना पड़े।






