Suvendu Adhikari CM पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का उदय हो गया है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में आधिकारिक रूप से फैसला हो गया है कि Suvendu Adhikari पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी विधायकों ने एकमत होकर Suvendu Adhikari के नाम पर मुहर लगाई।
इस बैठक की गरिमा तब और बढ़ गई जब खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के रूप में वहां मौजूद रहे। Suvendu Adhikari अधिकारी अब से थोड़ी देर में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे।
कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह
राज्यपाल से सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद, शनिवार (9 मई) सुबह 11 बजे कोलकाता में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसी समारोह में Suvendu Adhikari मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
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प्रचंड बहुमत: बीजेपी ने राज्य में दो-तिहाई से ज्यादा सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है।
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पहली बार बीजेपी सरकार: यह बंगाल के इतिहास में पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है।
नई सरकार के गठन का रास्ता साफ
इससे पहले 7 मई को राज्यपाल द्वारा 17वीं विधानसभा को भंग किए जाने के बाद ममता बनर्जी सरकार बर्खास्त हो गई थी। हालांकि ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार किया था, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने पर उसे भंग कर दिया गया। अब राज्य में नई सरकार के गठन की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं।
क्यों मिला Suvendu Adhikari को नेतृत्व?
Suvendu Adhikari को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे कई ठोस कारण माने जा रहे हैं:
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दिग्गज छवि: उन्होंने 2021 में नंदीग्राम और अब 2026 में ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में उन्हें मात देकर अपनी ताकत साबित की है।
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जीत के आर्किटेक्ट: बीजेपी को 207 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचाने में उनकी रणनीति का बड़ा हाथ रहा है।
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अनुभव: नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनका प्रदर्शन और पिछला प्रशासनिक अनुभव उन्हें इस पद के लिए सबसे योग्य बनाता है।
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शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के अत्यंत विश्वसनीय माने जाते हैं।
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