मथुरा राधाकुंड में अहोई अष्टमी पर निसंतान दंपतियों की डुबकी, भक्तिमय माहौल में झिलमिलाए दीप

मथुरा राधाकुंड में अहोई अष्टमी का पर्व

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मथुरा: राधाकुंड में अहोई अष्टमी के अवसर पर मंगलवार की मध्यरात्रि को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पावन माहौल का निर्माण किया। दूर-दराज से आए निसंतान दंपतियों ने राधाकुंड में डुबकी लगाई और राधा रानी से संतान प्राप्ति की प्रार्थना की। मध्यरात्रि के ठीक 12 बजे जैसे ही स्नान का समय शुरू हुआ, श्रद्धालुओं ने एक साथ जल में डुबकी लगाई, और घाटों पर दीपों की झिलमिलाती रौशनी ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।

Couple takes bath in Radha Kund on Ahoi Ashtami | अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में दंपति ने स्नान किया: अर्धरात्री में हाथ पकड़र स्नान करने पर संतान प्राप्ति की ...

इस अवसर पर घाटों पर रंगोली बनी और हर दिशा में धार्मिक वातावरण दिखाई दिया। भक्तों ने राधा नाम का जप किया और “राधे-राधे” का उच्चारण करते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस्कॉन के भक्तों ने हरे कृष्णा के भजन गाए, और विदेशी श्रद्धालु भी इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को सुनिश्चित किया।

माना जाता है कि अहोई अष्टमी के दिन राधाकुंड में स्नान करने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। निसंतान दंपतियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे राधा रानी से संतान प्राप्ति की आशीर्वाद के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं। इस पर्व को जीवन का पवित्र और आशा भरा पल माना जाता है, जिसमें श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास की झलक देखने को मिलती है।

श्लोक कुमार, एसएसपी मथुरा ने बताया कि प्रशासन ने इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उन्होंने कहा कि घाटों पर भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और जल में सुरक्षित स्नान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे। इसके साथ ही, आग और जल सुरक्षा के लिए आपातकालीन उपाय भी लागू किए गए थे।

Mathura News : राधाकुंड में स्नान से संतान सुख देती हैं राधारानी, श्रद्धा की डुबकी लगाते हैं हजारों लोग - Mathura News Radha Kund Ahoi Ashtami Faith for Child Birth

स्थानीय व्यापारी और धर्मिक संगठन इस अवसर से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं। इस्कॉन और अन्य धर्मिक समूहों द्वारा भजन और कीर्तन के आयोजन ने भक्तिमय माहौल को और भी प्रबल किया। विदेशी श्रद्धालुओं की उपस्थिति से यह धार्मिक आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आकर्षण का केंद्र बन गया है।

इस प्रकार, मथुरा राधाकुंड में अहोई अष्टमी का पर्व श्रद्धालुओं की भक्ति, प्रशासनिक तत्परता और धार्मिक सांस्कृतिक समृद्धि का अद्भुत मिश्रण पेश करता है। निसंतान दंपतियों की डुबकी और घाटों पर जलते दीप इस पर्व को एक यादगार और प्रेरणादायक धार्मिक अनुभव बनाते हैं।

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