Operation Sindoor के एक वर्ष पूरे होने पर आज गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि ‘Operation Sindoor’ भारत का एक ऐतिहासिक मिशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमेशा हमारे सशस्त्र बलों की अचूक प्रहार क्षमता की याद दिलाता रहेगा।
सशस्त्र बलों की अचूक प्रहार क्षमता का प्रतीक
सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि Operation Sindoor भारत का एक युगांतरकारी मिशन है। उन्होंने इसके महत्व को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
#OperationSindoor stands as an epochal mission of India that will always remind our enemies of the infallible striking power of our armed forces.
History will remember it as the day of the precise striking power of our armed forces, meticulous intelligence of our agencies, and…
— Amit Shah (@AmitShah) May 7, 2026
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सटीक मारक क्षमता: इतिहास इसे एक ऐसे दिन के तौर पर याद रखेगा जब हमारे सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, एजेंसियों की पैनी खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति एक होकर उठ खड़े हुए।
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आतंक के ठिकानों पर प्रहार: यह मिशन सीमा पार मौजूद आतंकवाद के हर उस ठिकाने को नेस्तनाबूद करने के लिए था, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर हमला करने की हिमाकत की थी।
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दुश्मनों के लिए संदेश: उन्होंने कहा कि यह दिन दुश्मनों के लिए संदेश है कि वे कहीं भी छिप जाएं, बच नहीं सकते। वे हर पल हमारी मारक क्षमता के प्रचंड कोप की जद में हैं।
क्या था Operation Sindoor ?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई, 2025 को ‘Operation Sindoor ‘ शुरू किया गया था। यह मिशन अपनी विशिष्टताओं के लिए जाना जाता है:
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त्रिकोणीय प्रतिक्रिया: इसमें तीनों सेनाओं की एक संतुलित प्रतिक्रिया प्रदर्शित की गई, जिसमें सटीकता और व्यावसायिकता का समावेश था।
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लक्ष्य: इसकी परिकल्पना नियंत्रण रेखा (LoC) के पार और पाकिस्तान के अंदर तक आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए एक दंडात्मक कदम के रूप में की गई थी।
गृह मंत्री ने इस अवसर पर सेना के शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि यह मिशन भारत की सुरक्षा और संकल्प की अटूट मिसाल है।
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