Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर के बरगी बांध में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित क्रूज़ के डूबने की घटना के बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले का स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। घटना को पाँच दिन बीतने के बाद मजिस्ट्रेट ने क्रूज़ संचालक और चालक दल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डी.पी. सूत्रकार ने बरगी पुलिस स्टेशन के स्टेशन प्रभारी को इस मामले में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने का आदेश दिया है।
लापरवाही और न्यायिक निर्देश
अदालत द्वारा बरगी पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को भेजे गए पत्र में बताया गया कि 30 अप्रैल 2026 की शाम को क्रूज़ संचालक द्वारा लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।
अदालत ने क्रूज़ संचालक के आचरण को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 106 और धारा 110 (आपराधिक मानव वध का प्रयास) के अंतर्गत गंभीर माना है।
अदालत के प्रमुख निर्देश:
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लापरवाही पर सख्त रुख: अदालत ने कहा है कि दुर्घटना के समय यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ना और संचालक का खुद सुरक्षित बच निकलना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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त्वरित कार्रवाई के आदेश: मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मामले में तुरंत प्रभावी कदम उठाते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए और दो दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश की जाए।
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बचाव कार्यों की सराहना: इस दौरान अदालत ने उन स्थानीय नागरिकों और बचाव दल के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने डूबते हुए लोगों को बचाने में तत्परता और बहादुरी दिखाई।
Jabalpur Cruise Accident: राज्य सरकार की जांच जारी
घटना के बाद राज्य सरकार की एक विशेष टीम भी पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है। अदालत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है ताकि इस तरह की लापरवाहियों से बचा जा सके।
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