केरल के युवा इंजीनियर आनंदू अजी की आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर कठोर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि एक संवेदनशील युवा की मानसिक और सामाजिक हत्या है, जिसके लिए संगठनात्मक स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। आनंदू अजी ने अपने सुसाइड नोट में चार साल की उम्र से लेकर 26 वर्ष तक RSS के अंदर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। संजय सिंह ने कहा कि यह घटना पूरे समाज और देश के लिए गहरी चिंता का विषय है, क्योंकि यह उन संस्थाओं की वास्तविकता उजागर करती है जो राष्ट्रवाद और संस्कार की बातें करती हैं।
संजय सिंह ने मीडिया की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि यही आरोप किसी विपक्षी पार्टी या छोटे संगठन पर लगे होते, तो मीडिया में 24 घंटे बहस होती, लेकिन जब मामला एक सत्ता से जुड़े संगठन से संबंधित होता है, तो पूरा मीडिया मौन हो जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की निष्पक्षता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, और ऐसे मामलों में सच्चाई दिखाने का दायित्व मीडिया पर सबसे अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं को यह समझना होगा कि किसी भी संस्था के भीतर अगर शोषण या अन्याय हो रहा है, तो उसे उजागर करना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।
आम आदमी पार्टी ने इस संवेदनशील मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग यह है कि आनंदू अजी आत्महत्या प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जाए ताकि कोई राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव जांच को प्रभावित न कर सके। दूसरी मांग के तहत पार्टी ने कहा कि आनंदू अजी के सुसाइड नोट में जिन लोगों पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं, उनकी तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, चाहे उनका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो। तीसरी मांग के अनुसार, आनंदू अजी के परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की धमकी या मानसिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले को लेकर संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक राज्य का मामला नहीं, बल्कि पूरे देश के समाजिक चरित्र और न्याय व्यवस्था की परीक्षा है। उन्होंने कहा कि यदि इस घटना में दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह भविष्य में कई अन्य पीड़ितों के लिए एक गलत उदाहरण बनेगा।
उल्लेखनीय है कि आनंदू अजी की आत्महत्या ने देशभर में बहस छेड़ दी है। स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और केंद्र सरकार से भी रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह तब तक शांत नहीं बैठेगी जब तक आनंदू अजी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को कानून के अनुसार सजा नहीं दी जाती।







