अवध विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से संपन्न, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी नशामुक्ति और महिला सुरक्षा का संदेश

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अयोध्या में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह आज बड़े ही भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्रियां, अंकपत्र और स्वर्ण पदक प्रदान किए। समारोह में कुल 1,89,119 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की गईं, जिनमें 125 मेधावी छात्रों को कुल 140 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

दीक्षांत समारोह में प्रदेशभर के विभिन्न संकायों से स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध डिग्रियां प्राप्त करने वाले छात्रों की उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में गजब का उत्साह देखने को मिला। मंच पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने राज्यपाल का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के नए मानक स्थापित कर रहा है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और नैतिकता सबसे बड़े साधन हैं। उन्होंने युवाओं से नशे, ड्रग्स और सोशल मीडिया की नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के जीवन को बर्बादी की ओर ले जाता है, इसलिए इसे त्यागना ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

महिला सुरक्षा और न्याय के विषय पर उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों और महिलाओं के प्रति अपराधों को लेकर अब और सहनशीलता नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और हर नागरिक को भी इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नारी सम्मान और सुरक्षा को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानें।

समारोह में राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरित किए और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे शिक्षा को रोजगार का साधन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का उपकरण बनाएं।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कई विभागों और संबद्ध कॉलेजों के प्राध्यापक, अधिकारीगण, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम का संचालन गरिमामय और अनुशासित वातावरण में किया गया। समारोह के अंत में विश्वविद्यालय कुलपति ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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