Mumbai से सटे मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुई चाकूबाजी की घटना ने सबको चौंका दिया है। धर्म पूछकर और कलमा पढ़ने के बहाने ज़ैब ज़ुबैर अंसारी द्वारा किए गए इस हमले के बाद अब जांच की आंच तेज हो गई है। मामला गंभीर होता देख महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने कमान संभाल ली है। शुरुआती जांच में जो बातें सामने आ रही हैं, वे काफी डराने वाली हैं और किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही हैं।
ठिकानों पर छापेमारी और डिजिटल सबूतों की बरामदगी
Mumbai मीरा रोड का चाकूबाजी हमला महज एक आपराधिक घटना है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश, इसे समझने के लिए एटीएस ने मुंबई और ठाणे के तीन ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, एटीएस की टीम ने कुर्ला और मीरा रोड में ज़ैब ज़ुबैर अंसारी से जुड़े ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान टीम ने आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैब और पेन ड्राइव शामिल हैं, इसके अलावा, कुछ ऐसे संदिग्ध दस्तावेज और साहित्य भी मिले हैं, जिन्हें देखकर जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी किसी प्रतिबंधित संगठन के रेडिकलाइजेशन मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है।
आरोपी के घर से मिले संदिग्ध दस्तावेज और ‘बदले’ की बात
महाराष्ट्र एटीएस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी के मोबाइल में काफी भड़काऊ और कट्टरपंथी कंटेंट मौजूद था। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह दुनिया भर में, खासकर गाज़ा में मुसलमानों पर हो रहे कथित जुल्मों का बदला लेना चाहता था, उसके घर से मिले दस्तावेजों से उसके रेडिकलाइज होने की आशंका को और बल मिला है।
सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी के पास से मिला एक नोट है, इस नोट में ‘ISIS’, ‘लोन वुल्फ’ (Lone Wolf), ‘जिहाद’ और ‘गाज़ा’ जैसे शब्दों का जिक्र किया गया है। नोट में लिखा था— “LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!. एटीएस अब इस नोट की फॉरेंसिक और साइकोलॉजिकल जांच कर रही है ताकि उसकी मानसिक स्थिति को समझा जा सके।
घायलों की स्थिति: एक की हालत अब भी गंभीर
इस हमले का शिकार हुए दो लोग, राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन, फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। सुब्रतो सेन की हालत में सुधार है और उन्होंने अपने बयान में बताया कि कैसे आरोपी ने धर्म पूछकर उन पर हमला किया था।
हालांकि, राजकुमार मिश्रा की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है। अस्पताल लाते समय उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों को तुरंत सर्जरी करनी पड़ी। Mumbai क्राइम न्यूज़ पर नजर रख रहे लोगों के लिए यह दुखद है कि राजकुमार अभी भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
Mumbai मीरा रोड की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। एटीएस और स्थानीय पुलिस मिलकर हर डिजिटल फुटप्रिंट और नेटवर्क की जांच कर रही है। क्या आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का मोहरा था या उसने अकेले ही इस ‘लोन वुल्फ’ हमले की योजना बनाई थी, यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा। फिलहाल, समाज में शांति बनाए रखना और ऐसी कट्टरपंथी विचारधाराओं से युवाओं को बचाना एक बड़ी चुनौती है।
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