CM Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को Dehradun स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती समारोह में हिस्सा लिया। इस खास मौके पर उन्होंने ‘Himcast’ नामक एक नए मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य वानिकी क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करना और वन उत्पादों के व्यापार को आधुनिक बनाना है। यह आयोजन राज्य के वन क्षेत्र के 25 वर्षों की उपलब्धियों को समर्पित था और इसमें बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और संबंधित हितधारक मौजूद रहे।
‘Himcast’ ऐप से वन उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी आसान
कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किए गए ‘Himcast’ मोबाइल एप्लिकेशन को वन विकास निगम के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। CM धामी ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अब वन विकास निगम द्वारा उत्पादित लकड़ी और अन्य वन उत्पादों की बिक्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ‘Himcast’ ऐप के जरिए व्यापारी और अन्य हितधारक आसानी से वन उत्पादों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और ऑनलाइन खरीद की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
CM धामी ने अपने संबोधन में कहा, “यह ऐप वन उत्पादों के व्यापार को सुव्यवस्थित करेगा और सभी संबंधित पक्षों के लिए इसे अधिक सुलभ बनाएगा। इससे निगम की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और डिजिटल गवर्नेंस को भी बढ़ावा मिलेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से राज्य में टेक्नोलॉजी और पारंपरिक संसाधनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
CM धामी ने ‘Himcast’ को केवल एक ऐप नहीं, बल्कि एक व्यापक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
CM धामी ने कहा, “इस एप्लिकेशन के माध्यम से वन विकास निगम से लकड़ी बेची जा सकेगी और वन उत्पादों की ऑनलाइन खरीद भी संभव होगी। इससे बिक्री प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की पहलें राज्य में भ्रष्टाचार को कम करने और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने में सहायक साबित होंगी।
CM धामी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन की दिशा में जो प्रयास किए जा रहे हैं, उसी कड़ी में उत्तराखंड भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारिस्थितिकी, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान
इस कार्यक्रम के अलावा, हाल ही में CM धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष जयंत सिंह के साथ एक अहम बैठक भी की। इस बैठक में चंपावत जिले के बनबसा (गुदमी) में बन रहे आधुनिक भूमि पत्तन (लैंड पोर्ट) परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
यह परियोजना भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है और इसे अंतरराष्ट्रीय संपर्क को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे एशियाई राजमार्ग से जोड़ने की योजना है, जिससे क्षेत्र में व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
CM धामी ने इस दौरान पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और झूलाघाट जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में सीमा व्यापार, परिवहन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
CM धामी ने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों को हमेशा स्थानीय जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास से वहां के उत्पादों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों को फायदा होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की परियोजनाओं से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम करने का मौका मिलेगा और पलायन की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।
CM धामी के अनुसार, राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि ऐसा विकास करना है जो पर्यावरण के अनुकूल हो और स्थानीय समुदायों को सीधे लाभ पहुंचाए। ‘Himcast’ ऐप और लैंड पोर्ट जैसी परियोजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं।
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