ऊंचाहार हत्या कांड: सीएम योगी ने दिया न्याय का भरोसा, पीड़ित परिवार को नौकरी और आवास की सौगात

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रायबरेली ज़िले के ऊंचाहार क्षेत्र में हुई दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की दर्दनाक हत्या के बाद प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम लखनऊ स्थित अपने आवास पर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान सीएम योगी ने हरिओम की पत्नी संगीता को सरकारी नौकरी और परिवार को आवास देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान हरिओम की पत्नी संगीता, बेटी अनन्या और पिता राम बहादुर उपस्थित थे। बातचीत के दौरान सीएम योगी ने बच्ची के भविष्य को सुरक्षित बनाने का वादा किया और कहा कि सरकार हर कदम पर परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत दी जाए और मामले की जांच निष्पक्ष रूप से पूरी की जाए।

इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। ऊंचाहार के एक गांव में बीते सप्ताह हरिओम वाल्मीकि को कुछ लोगों ने मामूली विवाद के बाद बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला था। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल था और विपक्षी दलों ने सरकार से न्याय की मांग तेज कर दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “कानून सभी के लिए समान है। किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषियों को सख्त सज़ा मिलेगी।” उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परिवार को आर्थिक सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए और घटना की पूरी रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए।

ऊंचाहार के विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि “मुख्यमंत्री जी ने बेहद संवेदनशीलता के साथ परिवार की बात सुनी। उन्होंने तत्काल सरकारी आवास और नौकरी देने का निर्णय लिया। साथ ही, पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद है।”

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पहले ही आर्थिक सहायता दी जा चुकी है और अब सरकारी नौकरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, आवास योजना के तहत मकान की स्वीकृति भी दी जा रही है।

घटना के बाद से ही प्रशासन अलर्ट पर है। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। रायबरेली पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “सभी आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और उनके खिलाफ चार्जशीट जल्द ही दाखिल की जाएगी।”

प्रदेश सरकार की इस पहल से एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “संवेदनशील शासन” की छवि सामने आई है। उन्होंने पहले भी कई बार कहा है कि प्रदेश में दलित, महिला और गरीब वर्ग की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजनीतिक हलकों में भी इस मामले पर चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष ने जहां घटना की निंदा की, वहीं मुख्यमंत्री के त्वरित निर्णय की भी सराहना की जा रही है। समाजसेवियों का कहना है कि अगर सरकार ऐसी घटनाओं पर सख्त और संवेदनशील रुख अपनाए रखे, तो समाज में न्याय और सुरक्षा की भावना मज़बूत होगी।

हरिओम वाल्मीकि की हत्या ने एक बार फिर जातीय भेदभाव और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लेकिन सरकार की सक्रियता और मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से परिवार को राहत की एक नई उम्मीद मिली है।

रिपोर्ट: लखनऊ – परवेज जैदी

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