Uttarakhand CM Dhami ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की। मुख्यमंत्री ने बैठक में Uttarakhand की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए ईंधन आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र के सहयोग का आग्रह किया, ताकि राज्य के विकास कार्यों को और गति दी जा सके।
कमर्शियल LPG आपूर्ति को लेकर अहम चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने Uttarakhand की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और राज्य की संवेदनशीलता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि Uttarakhand की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कमर्शियल LPG सिलेंडरों की आपूर्ति को 100 प्रतिशत बनाए रखा जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में बाहरी गतिविधियों और स्थानीय जरूरतों के कारण ईंधन की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसे देखते हुए लगभग 9,67,949 कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता अनिवार्य है।
आपदा प्रबंधन के लिए 5% अतिरिक्त रिजर्व कोटा
Uttarakhand में हर साल मानसून के दौरान आने वाली प्राकृतिक चुनौतियों को देखते हुए सीएम धामी ने एक दूरदर्शी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि जून से सितंबर के कठिन महीनों में आपदा राहत कार्यों के लिए ईंधन की कमी न हो, इसके लिए राज्य को 5 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन (लगभग 48,397 सिलेंडर) दिया जाना चाहिए।
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रणनीति: इस अतिरिक्त कोटे का उपयोग आपातकालीन स्थितियों और रेस्क्यू ऑपरेशन्स के दौरान किया जाएगा।
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जरूरत: पहाड़ी क्षेत्रों में रसद आपूर्ति बाधित होने पर यह रिजर्व स्टॉक संजीवनी का काम करेगा।
प्रशासनिक सुधार: ‘मुख्य सेवक सदन’ में सुनी गईं जन-समस्याएं
दिल्ली दौरे से पहले मुख्यमंत्री धामी ने शासन को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में अपने कैंप कार्यालय में ‘मुख्य सेवक सदन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की समस्याओं का सीधा संज्ञान लिया।
मौके पर समाधान और सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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त्वरित निस्तारण: पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी फाइलों पर अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें।
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जवाबदेही: शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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पारदर्शिता: शासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नियमित निगरानी (Monitoring) के निर्देश दिए गए।
Uttarakhand: अर्थव्यवस्था और विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि Uttarakhand की अर्थव्यवस्था पर्यटन और साहसिक गतिविधियों पर टिकी है। ऐसे में आधारभूत संरचना और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति राज्य के विकास के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है। केंद्र सरकार के सहयोग से Uttarakhand को आपदा के प्रति अधिक सक्षम और आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।







