उत्तर प्रदेश के Bulandshahr में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा एक्शन जारी है। गुरुवार की देर रात ककोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक शातिर बदमाश घायल हो गया है, जबकि पुलिस ने घेराबंदी करके उसके दूसरे साथी को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर उस रात लडूकी बम्बे के पास क्या हुआ था।
आधी रात को जब शुरू हुई ‘चेज’
Bulandshahr का यह मामला गुरुवार रात करीब 2 बजे का है। ककोड़ पुलिस की टीम लडूकी बम्बे के पास रूटीन चेकिंग कर रही थी। तभी अंधेरे में एक इको कार आती दिखाई दी। पुलिस को कुछ शक हुआ और उन्होंने कार को रुकने का इशारा किया। लेकिन रुकने के बजाय, कार सवारों ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और धनौरा की तरफ भागने लगे। पुलिस ने भी बिना देर किए बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया।

खुद को घिरा देख बदमाशों ने खोल दिया मोर्चा
पुलिस ने जब बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया, तो बदमाशों ने बचने के लिए पुलिस टीम पर सीधा हमला कर दिया। उन्होंने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। इस क्रॉस फायरिंग में मुख्य आरोपी संजय (उर्फ दीपक उर्फ संजू) के पैर में गोली लग गई, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लिया और कॉम्बिंग के दौरान उसके साथी अजय चौधरी को भी दबोच लिया। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
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40 मुकदमों का लंबा काला इतिहास
जब पुलिस ने इन बदमाशों की कुंडली खंगाली, तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। गिरफ्तार बदमाश संजय पर चोरी, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे संगीन अपराधों के 40 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि जिस इको कार से वे भाग रहे थे, उसे उन्होंने वारदात से ठीक एक दिन पहले ही दिल्ली से उड़ाया था। इनके पास से पुलिस ने अवैध हथियार, कारतूस और चाकू भी बरामद किए हैं।
Bulandshahr पुलिस की इस मुस्तैदी से इलाके में सक्रिय एक बड़े गिरोह पर लगाम कसी गई है। देर रात की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक साफ चेतावनी है। पुलिस अब इनके अन्य संपर्कों और पिछली वारदातों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि शहर को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
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