चारधाम यात्रा 2026 का आगाज: गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुले, श्रद्धालुओं में भारी उत्साह

चारधाम यात्रा 2026

Share This Article

उत्तराखंड की देवभूमि में आज से आस्था का महापर्व 'चारधाम यात्रा 2026' का विधिवत शुभारंभ हो गया है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूरी धार्मिक परंपरा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस खास मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे, जिन्होंने सभी भक्तों का स्वागत किया और सुचारु यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

कपाट खुलने का सिलसिला और भव्य सजावट

हर साल की तरह इस बार भी मंदिरों को कई क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से बेहद भव्य तरीके से सजाया गया है। हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण गंगोत्री धाम के आसपास की चोटियां सफेद चांदी की तरह चमक रही हैं, जो भक्तों के अनुभव को और भी यादगार बना रही हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद अब सबकी नजरें केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पर हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे, जिसके बाद चारों धाम की यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हो जाएगी।

चारधाम यात्रा 2026

प्रशासन की तैयारी और पंजीकरण की अनिवार्यता

चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार कड़े इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पंजीकरण (Registration) अनिवार्य कर दिया गया है। यात्री अपना पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से या हरिद्वार, ऋषिकेश और विकासनगर में बनाए गए ऑफलाइन केंद्रों पर जाकर करा सकते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाएं और रहने-खाने के उचित प्रबंध किए गए हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

चारधाम का धार्मिक महत्व

मान्यता के अनुसार, चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होती है, जो यमुना नदी का उद्गम स्थल है। इसके बाद मां गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री धाम के दर्शन किए जाते हैं। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान शिव का केदारनाथ धाम और अलकनंदा नदी के तट पर स्थित भगवान विष्णु का बद्रीनाथ धाम हिंदू धर्म में मोक्ष का द्वार माने जाते हैं। हिमालय की गोद में बसे इन चारों धामों की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है।

चारधाम यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। जिस तरह से इस साल शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की भारी संख्या दिख रही है, उससे उम्मीद है कि 2026 की यात्रा पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। अगर आप भी इस साल दर्शन का मन बना रहे हैं, तो अपना पंजीकरण समय पर कराएं और देवभूमि की इस पावन यात्रा का हिस्सा बनें।

यह भी पढ़ें: UP weather: भीषण गर्मी का टॉर्चर: बांदा 44.6 तो आगरा में 42.9 डिग्री सेल्सियस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

आपके क्षेत्र में सबसे मजबूत दल कौन है?
  • Add your answer

Also Read This