केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वह फैसला लिया गया, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। सरकार ने महंगाई के इस दौर में अपने कर्मचारियों को सहारा देते हुए महंगाई भत्ते यानी DA और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले का सीधा लाभ 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा।
कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात
कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आपको बता दें कि DA सीधे तौर पर बढ़ती हुई महंगाई से जुड़ा होता है। सरकार साल में दो बार, यानी जनवरी और जुलाई में इसमें बदलाव करती है। इसकी गणना श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। हालांकि, इस बार घोषणा में थोड़ी देरी जरूर हुई, जिससे कर्मचारी संगठनों में थोड़ी चिंता थी, लेकिन आज की मीटिंग ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
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महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को घेरा
कैबिनेट बैठक के दौरान सिर्फ DA पर ही बात नहीं हुई, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्ष को भी जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस ऐतिहासिक बिल का समर्थन न करके एक बड़ी गलती की है। पीएम ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ जाना विपक्ष की नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचना चाहिए कि किसने महिलाओं के हक के लिए काम किया और कौन उनके खिलाफ खड़ा रहा। प्रधानमंत्री के अनुसार, विपक्ष अब अपनी स्थिति को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनता सब देख रही है।
समुद्री सुरक्षा के लिए सॉवरेन मैरीटाइम फंड
इस बैठक में एक और बड़ा फैसला भारतीय समुद्री क्षेत्र को लेकर लिया गया। कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक ‘सॉवरेन मैरीटाइम फंड’ बनाने को मंजूरी दी है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य भारतीय ध्वज वाले जहाजों को किफायती और स्थिर बीमा कवर प्रदान करना है। इससे न केवल भारत का समुद्री व्यापार सुरक्षित होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पोतों की स्थिति भी मजबूत होगी। समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
ग्रामीण विकास: PMGSY का विस्तार
ग्रामीण भारत के विकास को गति देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को अब 2028 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके लिए कैबिनेट ने 3,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। इस फैसले से दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के काम में तेजी आएगी। बेहतर सड़कें न केवल सफर आसान बनाएंगी, बल्कि किसानों को उनकी फसल मंडियों तक पहुँचाने में भी मदद करेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
क्या होगा आपकी सैलरी पर असर?
भले ही इस बार DA में 2% की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन यह उन कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सहारा है जो लगातार बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। DA में बढ़ोतरी का मतलब है कि कर्मचारियों के हाथ में आने वाला पैसा बढ़ेगा और पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत के रूप में अतिरिक्त लाभ मिलेगा। आमतौर पर यह बढ़ोतरी पिछली तारीख से लागू की जाती है, जिससे कर्मचारियों को एरियर (Arrears) के रूप में भी एकमुश्त राशि मिलने की उम्मीद रहती है।
विपक्ष की ‘राजनीतिक हार’ की नींव
प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में स्पष्ट कहा कि विपक्ष का महिला आरक्षण बिल के खिलाफ जाना उनकी राजनीतिक हार की नींव बनेगा। उन्होंने कहा कि जो दल महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में रोड़ा अटका रहे हैं, उन्हें भविष्य में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। DA की घोषणा के साथ-साथ इन राजनीतिक बयानों ने यह साफ कर दिया है कि सरकार आने वाले समय में विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों को और जोर-शोर से उठाएगी।
आज की कैबिनेट बैठक ने यह साफ कर दिया है कि सरकार का फोकस हर वर्ग पर है। जहाँ एक तरफ DA में बढ़ोतरी ने कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती दी है, वहीं सड़क योजना और मैरीटाइम फंड जैसे फैसलों ने देश के भविष्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का वादा किया है। अब देखना यह है कि विपक्ष इन आरोपों और सरकारी घोषणाओं का मुकाबला किस तरह से करता है।
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