लखनऊ। राजधानी लखनऊ के परिवर्तन चौराहे पर महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर महापौर संयुक्ता भाटिया, सांसद अनूप प्रधान, तथा वाल्मीकि समाज के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया।
भूपेंद्र चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल रामायण के शिल्पकार थे, बल्कि उन्होंने मानवता, आदर्श और सत्य के मार्ग को अपनी रचनाओं से अमर बना दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का योगदान भारतीय संस्कृति की आत्मा में रचा-बसा है, और देश-दुनिया उनके आदर्शों से प्रेरणा लेती रहेगी।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के चरित्र का परिचय सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि ने कराया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी ने अपने लेखन से सत्य, करुणा और न्याय का ऐसा संदेश दिया जो आज भी समाज को दिशा दिखाता है।
इस दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने नारे लगाकर और गीतों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन का गुणगान किया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने समाज में समानता और सामाजिक समरसता के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था, जहां श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर महर्षि वाल्मीकि को नमन किया। परिवर्तन चौराहे पर स्थित प्रतिमा स्थल पर सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था भी सख्त रखी गई थी।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन समाज में समरसता, आस्था और आदर्श का प्रतीक है, और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।
भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा उत्तर प्रदेश —
“रामायण के शिल्पकार महर्षि वाल्मीकि का योगदान अमर है। उन्होंने हमें धर्म, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया।”
ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश —
“भगवान श्रीराम के चरित्र का परिचय सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि ने कराया। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा है।”







