नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संविधान संशोधन) पर चर्चा के दौरान उस वक्त माहौल हल्का हो गया, जब Rahul Gandhi ने अपने भाषण में एक निजी टिप्पणी कर दी। जैसे ही वे बोलने के लिए खड़े हुए, लोकसभा स्पीकर Om Birla ने उनसे हाथ में लगी चोट के बारे में पूछा। राहुल ने जवाब दिया कि उन्हें चोट लगी है, इसके बाद उन्होंने बिल पर अपनी बात शुरू की।
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में महिलाएं “ड्राइविंग फोर्स” बन चुकी हैं और समाज के हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में मां, बहन और अन्य रूपों में महिलाओं का बड़ा प्रभाव होता है। इसी बीच उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “प्रधानमंत्री और मेरी तो पत्नी ही नहीं हैं,” जिसे सुनते ही सदन में ठहाके गूंज उठे। खुद राहुल गांधी भी इस प्रतिक्रिया पर मुस्कुराते नजर आए।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि उन्हें महिलाओं से बहुत कुछ सीखने को मिला है, हालांकि इस संदर्भ में उन्हें व्यक्तिगत अनुभव नहीं है। उन्होंने अपनी बहन Priyanka Gandhi का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में अपने भाषण में कम समय में वह प्रभाव डाला, जो वे लंबे समय में नहीं कर पाए। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का भी जिक्र किया और कहा कि उनके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई थी।
अपने भाषण में राहुल गांधी ने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें डर से लड़ना और सत्य-अहिंसा का मार्ग अपनाना सिखाया। इसके बाद उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार समस्याओं से बचने की कोशिश कर रही है और वास्तविक मुद्दों का सामना नहीं करना चाहती।
महिला आरक्षण बिल पर अपनी राय रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस विधेयक का वास्तविक महिला सशक्तीकरण से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल सामाजिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और खासकर SC, ST और OBC वर्गों के अधिकारों को नजरअंदाज करता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के रुख का विरोध करेगा।
राहुल गांधी के इस बयान और हल्के-फुल्के अंदाज़ ने सदन में कुछ देर के लिए माहौल को सहज बना दिया, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपने भाषण में सरकार पर तीखे राजनीतिक सवाल भी उठाए, जिससे चर्चा और तेज हो गई।







