उत्तर प्रदेश की चिकित्सा जगत में सोमवार के दिन ने एक नया इतिहास रच दिया गया। लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) के डॉक्टरों ने यूपी का पहला सफल Heart Transplant करके एक 40 साल की महिला को नई जिंदगी दी है। यह न सिर्फ संस्थान के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब तक दिल के प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को दिल्ली या दक्षिण भारत के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
20 डॉक्टरों की टीम ने 22 घंटे में पूरा किया टास्क
इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। सर्जरी की कमान SGPGI के CVTS विभाग के प्रमुख डॉ. एसके अग्रवाल के हाथों में थी। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम करीब 7 बजे उन्हें सूचना मिली कि दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में एक ‘ब्रेन डेड’ मरीज का दिल दान के लिए उपलब्ध है। इसके बाद शुरू हुआ समय के खिलाफ एक सफर। डॉक्टरों की टीम ने करीब 22 घंटों तक बिना थके काम किया ताकि Heart Transplant की प्रक्रिया को समय रहते पूरा किया जा सके।
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर SGPGI पहुंचा हार्ट
एक सफल Heart Transplant में सबसे बड़ी चुनौती होती है अंग को डोनर के शरीर से निकालकर प्राप्तकर्ता के शरीर तक सही समय पर पहुँचाना। दिल्ली में अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, दिल को एयर एंबुलेंस के जरिए लखनऊ लाया गया। लखनऊ एयरपोर्ट से अस्पताल तक की दूरी को कम से कम समय में तय करने के लिए पुलिस की मदद से ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया। इसकी वजह से ट्रैफिक के बीच भी एंबुलेंस बिना रुके सीधे SGPGI पहुँची, जहाँ डॉक्टरों की टीम पहले से ही ऑपरेशन थिएटर में तैयार खड़ी थी।
पांच घंटे चला जटिल ऑपरेशन
मरीज की हालत काफी नाजुक थी। वह सीतापुर की रहने वाली थी और ‘डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी’ नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। इस बीमारी में दिल की मांसपेशियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि वे शरीर को सही से खून पंप नहीं कर पातीं। रविवार सुबह करीब 9 बजे प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू हुई। लगभग 20 टॉप डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने 5 घंटे तक लगातार सर्जरी की। राहत की बात यह है कि सफल Heart Transplant के बाद अब महिला को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
इस प्रक्रिया ने र्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (सीवीटीएस)विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग, एनेस्थीसिया विभाग, राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन और दिल्ली के RML की टीमें शामिल थीं। RML दिल्ली से अंग के सुचारू स्थानांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदेश के दिग्गजों ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक सफलता पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने डॉक्टरों की पूरी टीम को बधाई दी है। यह सफल Heart Transplant दर्शाता है कि यूपी के सरकारी संस्थानों में अब विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस सर्जरी में CVTS, कार्डियोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के दर्जनों विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया, जिसका परिणाम एक सफल जीवन के रूप में सामने आया।
SGPGI में हुआ यह Heart Transplant अंगदान की महत्ता को भी रेखांकित करता है। दिल्ली के उस परिवार के एक फैसले ने लखनऊ की एक महिला को नया जीवन दे दिया। डॉक्टरों की मेहनत और आधुनिक तकनीक के संगम ने साबित कर दिया है कि अब मुश्किल से मुश्किल बीमारियों का इलाज हमारे अपने शहर में संभव है।
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