Who is IAS Manoj Kumar Das: गुजरात सरकार ने 1990 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी मनोज कुमार दास को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। यह नियुक्ति वर्तमान मुख्य सचिव पंकज जोशी के सेवानिवृत्त होने के बाद 31 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सोमवार को इस नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। वर्तमान में मनोज कुमार दास मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनकी यह नई जिम्मेदारी राज्य के प्रशासनिक तंत्र के संचालन और नीति निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव और प्रशासनिक कुशलता से गुजरात सरकार की योजनाओं और परियोजनाओं को नई दिशा मिलेगी।
प्रशासनिक करियर और अनुभव
मनोज कुमार दास ने 1990 बैच की IAS परीक्षा उत्तीर्ण कर गुजरात कैडर में शामिल होकर लंबे समय से प्रशासनिक सेवा में कार्य किया है। उनके करियर में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और वित्त जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों का अनुभव शामिल है। विशेष रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में उनकी भूमिका नीति निर्माण और सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अहम रही है। विभिन्न सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के कार्यान्वयन में उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता की सराहना हुई है। इस अनुभव के आधार पर अब उन्हें राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व का दायित्व सौंपा गया है।
मुख्य सचिव के रूप में जिम्मेदारियां
मुख्य सचिव के पद पर मनोज कुमार दास का कार्यकाल गुजरात के प्रशासनिक और सरकारी निर्णयों में महत्वपूर्ण होगा। उन्हें सभी विभागों के कामकाज की निगरानी, नीति निर्माण, और राज्य की आर्थिक व सामाजिक योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम भी मुख्य सचिव होते हैं। उनके नेतृत्व में प्रशासनिक तंत्र में सुधार, डिजिटलाइजेशन और सरकारी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
गुजरात के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक विशेषज्ञों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है। कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों ने मनोज कुमार दास की नियुक्ति को उनके अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर उचित बताया है। साथ ही, नागरिकों में भी यह उम्मीद है कि नए मुख्य सचिव के तहत राज्य की योजनाओं और जनकल्याण परियोजनाओं का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचेगा। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण और विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की है।







