वृंदावन गोवर्धन पूजा 2025: वृंदावन में भव्य गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव, देश-विदेश से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Share This Article

वृंदावन गोवर्धन पूजा 2025 (मथुरा): ब्रजभूमि में आज का दिन आस्था, भक्ति और उल्लास से भरा रहा। दीपावली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव का पर्व इस बार भी पूरे ब्रजमंडल में बड़ी श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र का अभिमान तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाया था, तभी से ब्रजवासियों ने इन्द्र पूजा छोड़कर गोवर्धन पूजा का संकल्प लिया। तभी से यह परंपरा हर साल उत्साहपूर्वक निभाई जाती है।

इस अवसर पर वृंदावन के रमणरेती मार्ग स्थित श्रीकृष्ण बलराम (इस्कॉन) मंदिर में भव्य गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर को फूलों, रंगीन रोशनी और दीपों से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर में गोबर से बनाए गए गिरिराज पर्वत की आकर्षक प्रतिकृति बनाई गई, जिसे फूलों की मालाओं, तुलसी पत्र और सुगंधित पुष्पों से सजाया गया।

इस्कॉन भक्तों ने इस विशेष अवसर पर विशाल अन्नकूट तैयार किया, जिसमें चावल, पूड़ी, हलवा, सब्जियां, मिठाइयाँ, नमकीन और सैकड़ों प्रकार के व्यंजन शामिल थे। भक्तों का मानना है कि अन्नकूट भगवान श्रीकृष्ण को कृतज्ञता और प्रेम का प्रतीक रूप में अर्पित किया जाता है। मंदिर परिसर में “हरे कृष्ण हरे राम” के कीर्तन और भजन गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जा से भरा हुआ दिखाई दिया।

इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और ब्राजील से आए विदेशी भक्तों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया और गोवर्धन पूजा का आनंद लिया। भक्तों ने गिरिराज महाराज के दर्शन कर पुष्प और अन्न अर्पित किए। पूजा के बाद सभी भक्तों को हलवे का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

मंदिर के अध्यक्ष पंचगौड़ादास और पीआर रविलोचन दास ने बताया कि “गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह प्रकृति, गाय और पर्यावरण के प्रति सम्मान का संदेश भी देती है। भगवान कृष्ण ने हमें सिखाया कि हमें प्रकृति की पूजा करनी चाहिए, न कि उसका दोहन।”

इस अवसर पर सेवायत लोकेन्द्रनाथ कौशिक ने कहा, “गोवर्धन पूजा ब्रज की आत्मा है। हर वर्ष इस दिन ब्रजवासी भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। इस बार की पूजा में विदेशी भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया है।”

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच भक्तों ने नृत्य, भजन और कीर्तन के माध्यम से अपनी भक्ति व्यक्त की। संध्या आरती के समय मंदिर परिसर दीपों से जगमगाने लगा और ‘जय गोवर्धनधारी गोपाल’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

अन्नकूट महोत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए और भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण किया। वृंदावन के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस्कॉन मंदिर प्रबंधन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य “विश्व शांति और मानवता में प्रेम का संदेश” फैलाना है। विदेश से आए भक्तों ने भी कहा कि वे हर वर्ष इस पवित्र पर्व में शामिल होकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं।

मंदिर परिसर में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी की गई, जिसमें भक्तों ने श्रद्धा पूर्वक भाग लिया। भक्ति संगीत, मंत्रोच्चार और संकीर्तन से वातावरण दिव्यता से भर गया।

भव्य आयोजन का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे ब्रजमंडल में दिनभर गोवर्धन पूजा, गाय पूजा और अन्नकूट महोत्सव की गूंज रही। वृंदावन, गोवर्धन और मथुरा में लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन दिखाई दिए।

मथुरा-उमर कुरैशी की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This