उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने आगामी TET 2026 परीक्षा के नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में तीन बड़े और क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। इन बदलावों से जहाँ करीब 50 हजार सेवारत शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा टल गया है, वहीं बीएड (B.Ed) अभ्यर्थियों के लिए एक निराशाजनक खबर भी है। चार साल के लंबे इंतजार के बाद होने जा रही इस TET परीक्षा में इस बार करीब 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है।
50 हजार शिक्षकों की बची नौकरी, अब दे पाएंगे परीक्षा
सबसे बड़ी राहत उन 50 हजार सहायक अध्यापकों को मिली है, जिनके पास TET में बैठने के लिए पहले निर्धारित की गई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। दरअसल, 1998 से पहले इंटरमीडिएट और बीटीसी के आधार पर भर्ती हुए शिक्षक, या बिना ग्रेजुएशन के मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने वाले लोग इस परीक्षा से बाहर हो रहे थे। अब आयोग ने साफ कर दिया है कि ग्रेजुएशन और बीटीसी की अनिवार्यता वाले नियमों में ढील दी जाएगी। TET पास करने के लिए इन शिक्षकों के पास सितंबर 2027 तक का समय है, वरना उनकी नौकरी जा सकती थी। अब ये सभी शिक्षक अपनी योग्यता साबित करने के लिए परीक्षा में बैठ सकेंगे।

बीएड और बीटीसी के ‘अपीयरिंग’ छात्रों को सुनहरा मौका
आयोग ने दूसरे बड़े बदलाव के तहत आवेदन की पात्रता का दायरा बढ़ा दिया है। पहले के नियमों के अनुसार, केवल वही छात्र TET के लिए आवेदन कर सकते थे जो बीएड या टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स (TTC) के अंतिम वर्ष में थे। लेकिन अब नए संशोधन के मुताबिक, अगर आपने किसी भी टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स में दाखिला ले लिया है और आप पढ़ाई कर रहे हैं, तो आप TET परीक्षा के लिए पात्र माने जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट और एनसीटीई के स्पष्टीकरण के बाद आयोग ने यह छूट दी है, जिससे प्रदेश के लाखों नए छात्रों को फायदा होगा और वे अपनी तैयारी को समय रहते परख सकेंगे।
प्राथमिक स्तर की परीक्षा से बीएड अभ्यर्थी पूरी तरह बाहर
इस नोटिफिकेशन का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला बीएड अभ्यर्थियों से जुड़ा है। आयोग ने अपने मूल विज्ञापन में पहले बीएड वालों को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए TET देने की अनुमति सशर्त दी थी, लेकिन अब उस बिंदु को पूरी तरह हटा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब बीएड पास अभ्यर्थी केवल उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए ही TET पेपर-2 दे पाएंगे। अब वे प्राथमिक शिक्षक बनने की दौड़ से बाहर हो गए हैं, जिससे बीटीसी और डीएलएड छात्रों के लिए कॉम्पिटिशन थोड़ा कम हो सकता है।

20 मार्च को घोषित हुआ था कार्यक्रम, 4 साल बाद हो रही परीक्षा
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले चार सालों से TET की परीक्षा आयोजित नहीं हुई थी। आयोग ने 20 मार्च को इसका कार्यक्रम घोषित किया था, जिसमें प्रदेश के उन 1.86 लाख शिक्षकों की भी उम्मीदें टिकी हैं जो अब तक यह परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। इन शिक्षकों के लिए यह परीक्षा जीवनदान की तरह है, क्योंकि सरकार ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर TET पास न करने पर उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
TET 2026 का यह नया नोटिफिकेशन मिला-जुला असर लेकर आया है। जहाँ एक तरफ पुराने शिक्षकों और अपीयरिंग छात्रों के लिए खुशी की लहर है, वहीं बीएड अभ्यर्थियों के लिए प्राथमिक स्तर से बाहर होना एक बड़ा झटका है। आयोग का यह कदम कानूनी जटिलताओं को कम करने और योग्यता के मानकों को स्पष्ट करने की दिशा में देखा जा रहा है। अब अभ्यर्थियों को अपनी पूरी ताकत तैयारी में झोंक देनी चाहिए, क्योंकि कॉम्पिटिशन इस बार काफी कड़ा होने वाला है।