लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शोकाकुल माहौल में शुरू हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बीजेपी विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और पूर्व विधायक विजय गौड़ के निधन की सूचना सदन को दी। दोनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
अब 11 फरवरी को प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेंगे। चूंकि यह वर्ष चुनावी है, ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ लोकलुभावन घोषणाओं पर भी खास ध्यान दे सकती है। अनुमान है कि इस बार यूपी सरकार करीब 9 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी, जो समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक होगा।
इससे पहले बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों के जोरदार हंगामे के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सदन में अपना अभिभाषण दिया। अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पहली बार उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया। यह राज्य स्तर पर तैयार किया गया पहला ऐसा दस्तावेज है, जिसे केंद्र सरकार की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश की स्थिति, प्रति व्यक्ति आय, राजकोषीय स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों के योगदान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में स्वस्थ और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ चर्चा से ही प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान संभव है। सदन की कार्यवाही में किसी तरह की बाधा न आए, यह सभी की जिम्मेदारी है। सीएम ने यह भी कहा कि ‘विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश’ विजन डॉक्युमेंट–2047 को अंतिम रूप देने के लिए सदन में व्यापक चर्चा आवश्यक है।
अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को बताया कि बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 13.30 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। यह वृद्धि दोगुने से भी ज्यादा है और इससे उत्तर प्रदेश देश की प्रमुख राज्य अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
36 लाख करोड़ रुपये GSDP का अनुमान
उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की GSDP के 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह अनुमान निवेशकों के बढ़ते भरोसे, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे में हुए सुधारों पर आधारित है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी भी 2016-17 के 8.6 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 9.1 प्रतिशत हो चुकी है।
16 से 18 फरवरी तक बजट पर होगी बहस
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश होने के बाद कार्यवाही का अगला चरण शुरू होगा। सबसे पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी, जो 12 और 13 फरवरी को निर्धारित है। इसके बाद 16 से 18 फरवरी तक सदन में बजट पर विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें सभी दल अपने-अपने सुझाव और आपत्तियां रखेंगे। 19 फरवरी से विभागवार बजट को पारित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अंत में 20 फरवरी को पूरे बजट पर मतदान कराया जाएगा, जिसके साथ ही बजट सत्र का अहम चरण पूरा होगा।