उत्तर प्रदेश को देश में आधुनिक, सुलभ और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में लखनऊ में यूपी AI हेल्थ समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत तकनीकों के माध्यम से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, मंत्री सुनील कुमार शर्मा सहित स्वास्थ्य, IT और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई की भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Artificial Intelligence (AI) स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक Game Changer साबित होगा। AI के माध्यम से बीमारियों के पैटर्न, ट्रेंड और पूर्वानुमान की पहचान संभव होगी, जिससे महामारी फैलने से पहले ही रोकथाम की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारे लिए सुविधा है, जो कार्यों को सरल बनाती है और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक है।
Covid में मजबूत हुआ Health Infrastructure
सीएम योगी ने Covid-19 महामारी के दौरान किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि सभी जनपदों में ICU बेड की संख्या बढ़ाई गई और Virtual ICU की शुरुआत की गई। आज प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
देश में पहली बार आयोजित हो रहे ग्लोबल AI इम्पैक्ट सम्मेलन के अंतर्गत ‘उत्तर प्रदेश AI एवं स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन’ का आज मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री श्री @JitinPrasada जी एवं उपमुख्यमंत्री श्री @brajeshpathakup जी की गरिमामयी उपस्थिति में लखनऊ… pic.twitter.com/I5RGeYlxQd
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इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण बना मिसाल
मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल में इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले राज्य के 38 जिलों में हर साल 1200 से 1500 बच्चों की मौत इस बीमारी से होती थी। सघन सर्विलांस और डेटा आधारित रणनीति के चलते आज प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस से होने वाली मौतें शून्य हो गई हैं। अब AIके जरिए इस सफलता को और मजबूती मिलेगी।
लखनऊ बनेगा AI City
सीएम योगी ने कहा है कि लखनऊ को AI City के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में Data Centre Ecosystem खड़ा किया जाएगा और AI मिशन पर करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब तकनीक आधारित विकास मॉडल प्रस्तुत करने की स्थिति में है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न तो कर्फ्यू लगता है और न ही दंगे होते हैं। राज्य में शांति का वातावरण है, जिससे निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति अपने व्यवसाय और रोजगार में सक्रिय है।
देश में पहली बार लखनऊ में ग्लोबल AI इंपैक्ट सम्मेलन–2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश AI एवं स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, उपमुख्यमंत्री श्री @brajeshpathakup जी एवं माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री श्री @JitinPrasada जी की गरिमामयी… pic.twitter.com/9qqK0a3rf8
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महाकुंभ और रोजगार के नए अवसर
सीएम योगी ने महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें देश-विदेश से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इससे पर्यटन, परिवहन, होटल और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिला और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में Telimedicine system को मजबूत किया गया है। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज और दो AIMS संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क और मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर कार्य तेजी से चल रहा है।
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