रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर 4-5 दिसंबर 2025 को भारत की राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती और रणनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के अंतर्गत कई अहम संवाद होंगे, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा और भविष्य की सहयोग योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन, दोनों देश की साझा प्राथमिकताओं को निर्धारित करेंगे। विशेष रूप से ‘विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस पहलें होंगी। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर दोनों देशों के बीच बढ़ती चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा, ताकि स्थिरता और विकास के लिए मिलकर प्रयास किए जा सकें।

विदेश मंत्रालय ने इस राजकीय यात्रा के बारे मे जानकारी देते हुए बताया कि यह वार्षिक शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय सहयोग की नई सीमा तय करने में सहायक होगा। इसमें ऊर्जा, रक्षा, विज्ञान एवं तकनीक, और आर्थिक क्षेत्र जैसे कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी को और विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दोनों देश क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा जैसे समसामयिक मुद्दों पर भी संवाद करेंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर संयुक्त रूप से मजबूत भूमिका निभाई जा सके।
राष्ट्रपति पुतिन के इस दौरे के दौरान उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक रूप से स्वागत किया जाएगा तथा उनके सम्मान में एक भव्य भोज का आयोजन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम से भारत और रूस के बीच मित्रता और भी गहरी होगी, जो दोनों राष्ट्रों के लिए व्यापक लाभकारी सिद्ध होगी।
इस महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा के माध्यम से, भारत और रूस न केवल अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देंगे बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र और विश्व के अन्य हिस्सों में भी सहयोग की संभावनाएं व्यापक होंगी। यह यात्रा दोनों देशों के नेतृत्व के बीच मजबूत विश्वास और समझ को दर्शाने का प्रतीक भी होगी।
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