अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति मामूली बढ़कर 2.07 प्रतिशत हुई: सरकारी आंकड़े

Share This Article

अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति मामूली बढ़कर 2.07 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले महीने 1.61 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण सब्जियों, मांस और मछली की कीमतों में वृद्धि है। शुक्रवार की ओर से जारी सरकारी आंकड़ों में यह बात कही गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति अगस्त 2024 में 3.65 प्रतिशत थी। लगातार नौ महीने तक घटने के बाद खुदरा महंगाई में एक बार फिर से इजाफा दिखा है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 के दौरान वार्षिक मुद्रास्फीति अगस्त 2024 की तुलना में (-) 0.69 प्रतिशत थी।

एनएसओ ने कहा, “अगस्त 2025 के महीने के दौरान हेडलाइन मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि मुख्य रूप से सब्जियों, मांस और मछली, तेल और वसा, व्यक्तिगत देखभाल और अंडे की मुद्रास्फीति में वृद्धि के कारण है।” सरकार ने रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर बनी रहे, और दोनों तरफ 2 प्रतिशत का मार्जिन हो।

नवंबर 2024 के बाद महंगाई दर में जारी थी गिरावट

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में नौ महीनों तक लगातार गिरावट के बाद मुद्रास्फीति में यह वृद्धि देखी गई है। नवंबर 2024 से इसमें गिरावट जारी थी। अगस्त 2024 में मुद्रास्फीति 3.65 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में वार्षिक खाद्य मुद्रास्फीति (-) 0.69 प्रतिशत थी। एनएसओ ने कहा, “अगस्त 2025 के महीने के दौरान हेडलाइन मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि मुख्य रूप से सब्जियों, मांस और मछली, तेल और वसा, व्यक्तिगत देखभाल और अंडे की मुद्रास्फीति में वृद्धि के कारण है।”

ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति बढ़कर 1.69 हुई

ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 1.69 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 1.18 प्रतिशत थी। देश के शहरी इलाकों में यह क्रमिक आधार पर 2.1 प्रतिशत की तुलना में 2.47 प्रतिशत रही। राज्यों में सबसे अधिक मुद्रास्फीति केरल में 9.04 प्रतिशत तथा सबसे कम असम में (-0.66 प्रतिशत) रही। रिजर्व बैंक अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है।



आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए, इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि अगस्त 2025 में साल-दर-साल सीपीआई मुद्रास्फीति में क्रमिक वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य और पेय पदार्थ खंड द्वारा संचालित थी, जो पिछले दो महीनों में प्रत्येक में अपस्फीति देखने के बाद, वर्ष भर पहले के स्तर की तुलना में सपाट थी।

बारिश और बाढ़ के कारण कीमतों पर पड़ा असर

उन्होंने कहा कि कोर मुद्रास्फीति अगस्त 2025 में मामूली रूप से बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई। यह पिछले महीने 4.2 प्रतिशत थी। नायर ने कहा, “आगे की ओर देखें तो खरीफ की बुवाई में अच्छे रुझान के बावजूद, अगस्त 2025 के अंत और सितंबर 2025 की शुरुआत में देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से खरीफ फसल की पैदावार और इसके परिणामस्वरूप उत्पादन और कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। सीपीआई आंकड़ों से पता चला कि अगस्त में आवास मुद्रास्फीति 3.17 प्रतिशत के मुकाबले 3.09 प्रतिशत रही। एनएसओ सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए चयनित 1,181 गांवों और 1,114 शहरी बाजारों से मूल्य डेटा एकत्र करता है।



0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This