केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का नया महानिदेशक नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल 31 अगस्त 2028 तक या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। उनकी नियुक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।
नियुक्ति पत्र के मुताबिक, राकेश अग्रवाल को पदभार ग्रहण करने की तिथि से पे मैट्रिक्स लेवल-16 के अंतर्गत NIA का महानिदेशक बनाया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब देश की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं।
सदानंद वसंत दाते की वापसी के बाद हुई नियुक्ति
राकेश अग्रवाल की यह नियुक्ति NIA के मौजूदा महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को समय से पहले उनके मूल कैडर महाराष्ट्र वापस भेजे जाने के बाद हुई है। दाते की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने को भी कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने स्वीकृति दी थी। दाते के महाराष्ट्र लौटने के बाद NIA के शीर्ष पद पर स्थायी नियुक्ति की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है।
पहले भी संभाल चुके हैं अंतरिम प्रमुख की जिम्मेदारी
सदानंद दाते की वापसी के बाद दिसंबर माह में राकेश अग्रवाल को NIA का अंतरिम प्रमुख बनाया गया था। इससे पहले सितंबर 2025 में उन्हें NIA में विशेष महानिदेशक (Special DG) के रूप में नियुक्त किया गया था। अंतरिम प्रमुख के रूप में उन्होंने एजेंसी के कामकाज में निरंतरता बनाए रखी और संवेदनशील मामलों की निगरानी की।
Rakesh Aggarwal, a 1994-batch IPS officer of the Himachal Pradesh cadre, appointed as Director General of the NIA until August 31, 2028. pic.twitter.com/t8IgR2nYq5
— Press Trust of India (@PTI_News) January 14, 2026
NIA में लंबा और भरोसेमंद अनुभव
राकेश अग्रवाल का NIA में अनुभव काफी अच्छा रहा है। हिमाचल प्रदेश कैडर के इस IPS अधिकारी ने एजेंसी में रहते हुए कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे आतंकवाद, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच प्रक्रिया से गहराई से जुड़े रहे हैं।
वरिष्ठ IPS अधिकारी होने के नाते उन्हें इन-सीटू आधार पर स्पेशल डीजी नियुक्त किया गया था। इसके लिए उनके अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद को अस्थायी रूप से दो वर्षों के लिए अपग्रेड किया गया था। उनके प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए अब उन्हें पूर्णकालिक महानिदेशक बनाया गया है।
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