उत्तर प्रदेश के Prayagraj से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ की पुलिस ने जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। अक्सर हम सुनते हैं कि बाजार में नकली नोट घूम रहे हैं, लेकिन इस बार पुलिस ने सीधे उस जड़ पर हमला किया है जहाँ ये नोट छापे जा रहे थे। इस गिरोह के पकड़े जाने से न केवल Prayagraj बल्कि आसपास के कई जिलों में चल रहे अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी।
गंगानगर जोन की Prayagraj पुलिस को सोमवार देर रात एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1,18,300 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि सरायइनायत थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने हबूसा मोड़ के पास इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरोह का जाल इतना बड़ा था कि वे Prayagraj और वाराणसी जैसे बड़े शहरों के बाजारों में इन नकली नोटों को खपाने का काम करते थे।

कैसे चलता था नोट छापने का खेल
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद Prayagraj पुलिस की एक टीम देवरिया पहुंची, जहाँ एक कमरे में नोट छापने का पूरा सेटअप लगा हुआ था। पुलिस ने वहाँ से लैपटॉप, दो हाई-क्वालिटी प्रिंटर, खास तरह के पेपर और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह डिमांड के हिसाब से 40 से 50 फीसदी कमीशन पर नकली नोटों की सप्लाई करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह का एक सदस्य धर्मेंद्र पहले भी 2019 में जाली नोट के मामले में जेल जा चुका है, यानी ये लोग काफी समय से इस काले धंधे में शामिल थे।
राजनीति से जुड़े हैं गिरोह के तार
इस मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना विवेक यादव राजनीति में भी सक्रिय है। वह देवरिया से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है और आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट पाने की कोशिश में लगा था। पुलिस के अनुसार, विवेक ही इस पूरे गिरोह को कंट्रोल करता था। फिलहाल वह और उसके कुछ साथी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने इस सराहनीय कार्य के लिए अपनी टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है।
बाजार में सावधानी बरतने की जरूरत
Prayagraj और इसके आसपास के इलाकों में यह गिरोह 500 और 100 रुपये के नकली नोटों को असली बताकर बाजार में चलाता था। पुलिस की इस कार्रवाई से यह तो साफ है कि अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। आम जनता को भी सलाह दी गई है कि नोटों के लेन-देन के समय थोड़ी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
देखा जाए तो पुलिस की यह कार्रवाई अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाले अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी जीत है। नकली नोट न केवल बाजार को खराब करते हैं बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है ताकि इस रैकेट को पूरी तरह खत्म किया जा सके। उम्मीद है कि जल्द ही गिरोह का सरगना भी कानून की गिरफ्त में होगा। आप भी सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।
यह भी पढ़ें: Jaunpur: साइबर पुलिस ने बरामद किए 56 लाख के मोबाइल, मालिकों को सौंपे