Prayagraj में बड़ा हादसा: कोल्ड स्टोरेज में फटा अमोनिया टैंक, छत गिरने से मलबे में दबे मजदूर

Prayagraj

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आज Prayagraj से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। फाफामऊ इलाके के मलाक हरहर के पास स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में सोमवार दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे अचानक अमोनिया गैस का टैंक फट गया, इस हादसे के बाद बिल्डिंग से अमोनिया गैस का भारी रिसाव शुरू हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि कोल्ड स्टोरेज की छत भरभरा कर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे करीब 15 से अधिक मजदूर मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे ने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है और अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों को राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौके पर 21 एंबुलेंस और आधा दर्जन से ज्यादा जेसीबी मशीनें मलबे को हटाने में जुटी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके की बिजली काट दी गई है और पुलिस ने मालिक अंसार अहमद के कुछ करीबियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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लखनऊ रोड पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी

यह हादसा Prayagraj के लखनऊ रोड पर स्थित चंदापुर गांव के सामने हुआ। यहाँ सपा के पूर्व मंत्री अंसार अहमद का ‘आदर्श कोल्ड स्टोर’ है। सोमवार की दोपहर जब मजदूर वहां आलू रखने का काम कर रहे थे, तभी अचानक गैस टैंक में विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण और राजमार्ग से गुजर रहे लोग सहम गए। मलबे में दबे मजदूरों में से कई बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

Prayagraj प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँच चुकी हैं, लेकिन गैस रिसाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद की है। 27 साल पुराना कोल्ड स्टोरेज करीब 5 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बना है। इसमें तीन बिल्डिंग हैं। करीब 1500 स्क्वायर फीट एक बिल्डिंग ढही है। यहां 100 से ज्यादा लोग काम करते हैं।

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अमोनिया गैस के रिसाव से बढ़ा खतरा

हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती अमोनिया गैस का तीखा रिसाव बनी हुई है। Prayagraj के इस कोल्ड स्टोर के भीतर फिलहाल कोई भी दाखिल नहीं हो पा रहा है। गैस की गंध इतनी तेज है कि दूर खड़े लोगों का भी दम घुटने लगा है। बचाव कार्य में जुटे कर्मियों और स्थानीय लोगों ने अपनी नाक और मुंह पर रुमाल व गमछा बांध लिया है ताकि जहरीली गैस का असर कम हो सके। Prayagraj पुलिस ने मलबे से अब तक दो शव बाहर निकाले हैं, जिनकी पहचान बिहार के ज्योतिष और स्थानीय निवासी जगदीश के रूप में हुई है।

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घायलों का अस्पताल में चल रहा है इलाज

इस हादसे में कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं और चोटिल हुए हैं। उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए Prayagraj के स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल भेजा गया है। घायलों में अमरदीप, रंजीत और धर्मेंद्र जैसे नाम शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर दो मौतों की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। Prayagraj के जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने अस्पताल और घटनास्थल पर मौजूद हैं।

Prayagraj में हुआ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। गैस टैंक का फटना और फिर पूरी बिल्डिंग की छत का ढह जाना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं रखरखाव में बड़ी चूक हुई है। अभी प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। Prayagraj के नागरिकों से अपील है कि वे उस इलाके की ओर जाने से बचें जब तक कि गैस का प्रभाव पूरी तरह खत्म न हो जाए।

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