असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया है कि PM नरेन्द्र मोदी अपने आगामी दौरे के दौरान राज्य को दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उपहार देने वाले हैं। यह दौरा न केवल राज्य के औद्योगिक नजारे के लिए ऐतिहासिक साबित होगा, बल्कि पूर्वोत्तर में लंबे समय से प्रतीक्षित उर्वरक और हवाईअड्डा अवसंरचना उन्नयन को भी नई दिशा देगा।
सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा को सफल और निर्बाध बनाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी असम को दो प्रमुख पहलों गुवाहाटी एयरपोर्ट के उन्नयन और नामरूप अमोनिया-यूरिया प्लांट का उपहार देंगे। दोनों प्रोजेक्ट्स से राज्य की औद्योगिक क्षमता और कृषि समर्थन प्रणालियों को व्यापक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नई यूरिया उत्पादन सुविधा का शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी 21 दिसंबर को नाहरकटिया पहुंचेंगे, जहां वे नामरूप फर्टिलाइज़र प्लांट में एक नई, अत्याधुनिक यूरिया उत्पादन इकाई की आधारशिला रखेंगे।
यह परियोजना पूर्वोत्तर में हाल के दशकों की सबसे महत्वपूर्ण उर्वरक अवसंरचना उन्नयन पहलों में से एक मानी जा रही है। प्रस्तावित यूनिट की अनुमानित वार्षिक क्षमता 1.2 मिलियन मीट्रिक टन होगी, जिससे क्षेत्र में उर्वरक की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
सीएम सरमा ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद न सिर्फ घरेलू यूरिया की मांग पूरी करने में सहायता मिलेगी, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे और सहायक उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे में गुवाहाटी एयरपोर्ट के उन्नयन कार्य का भी उद्घाटन करेंगे। नई सुविधाओं के साथ यह एयरपोर्ट न केवल घरेलू उड़ानों बल्कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के लिए भी अधिक सक्षम बन जाएगा। इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा व तैयारियों की मैदानी समीक्षा
प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले मुख्यमंत्री सरमा ने बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों की संपूर्ण समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और भीड़ प्रबंधन से जुड़े पहलुओं का निरीक्षण किया। उन्होंने असम पुलिस, जिला प्रशासन और कार्यक्रम आयोजन से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी बैठकें कीं ताकि सभी प्रबंध समय पर और सुचारू रूप से पूरे किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव रवि कोटा सहित शीर्ष अधिकारियों के साथ भी बैठक की, जिसमें अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में मंत्री पीयूष हजारिका और प्रशांत फुकन के अलावा नाहरकटिया के विधायक तरंग गोगोई भी उपस्थित रहे।
प्रारंभिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 21 दिसंबर को सुबह 10:30 बजे एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि वे इस अवसर पर नए उर्वरक प्रोजेक्ट के महत्व पर प्रकाश डालेंगे और पूर्वोत्तर भारत में औद्योगिक व कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति केंद्र सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराएंगे।







