UP में PM Jan Aushadhi Kendra की तर्ज़ पर पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे

PM Jan Aushadhi Kendra

Share This Article

PM Jan Aushadhi Kendra की तर्ज़ पर अब प्रदेश में पशुओं की दवाओं के लिये भी पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे। मनुष्यों की तरह पशुओं के उपचार हेतु भी सस्ती व गुणवत्तायुक्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु पशुपालन विभाग द्वारा एक सराहनीय कदम उठाते हुए प्रत्येक विकास खंड स्तर पर एक ऐसे केन्द्र स्थापित करने की योजना आरम्भ की गई है। अमरोहा में इस योजना के क्रियान्वयन लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पशु जन औषधि केन्द्र खोलने हेतु ऑनलाइन आवेदन किया जायेगा तथा आवेदन हेतु निर्धारित शुल्क रु 5000/- है। आवेदन हेतु पात्रता की शर्तों में फार्मासिस्ट का पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्रग लाइसेंस तथा न्यूनतम 120 वर्ग फीट स्थान उपलब्ध होना अनिवार्य है।

गाजियाबाद में पशुपालकों के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए नए पशु औषधि केंद्र

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अब पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं आसानी से मिल सकेंगी। केंद्र सरकार के पशु स्वास्थ्य नियंत्रण और कार्यक्रम के तहत, जिले के प्रत्येक विकास खंड में पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे। यह केंद्र उसी तर्ज पर स्थापित किए जा रहे हैं जैसे मनुष्यों के लिए जन औषधि केंद्र होते हैं, जहां सस्ती और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। इस पहल से किसानों और पशुपालकों को महंगी दवाओं पर होने वाला खर्च काफी हद तक कम होगा और उन्हें बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

दवाओं की कीमतों में होगी कमी

नए पशु औषधि केंद्र खुलने के बाद, दवाओं की कीमतों में लगभग एक चौथाई तक कमी आने की उम्मीद है। इससे पशुपालकों को सीधी राहत मिलेगी और उन्हें अपनी आवश्यक दवाइयां सस्ती दरों पर मिल सकेंगी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी पांडेय के अनुसार, इन केंद्रों से पशुपालकों को महंगी दवाओं पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलेगी, जिससे उनका आर्थिक बोझ हल्का होगा।

PM Jan Aushadhi Kendra

यह भी पढ़ें : मुरादाबाद पुलिस की बड़ी सफलता, एटीएम चोरी मामले के आरोपी गिरफ्तार

आवेदन की प्रक्रिया

पशु औषधि केंद्र खोलने के इच्छुक व्यक्तियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया सरल रखी गई है, जिसमें आवेदक को 5000 रुपये शुल्क जमा करके वेबसाइट पर फॉर्म भरना होगा। आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फुट जगह उपलब्ध होना चाहिए, जहां केंद्र स्थापित किया जा सके। इसके अलावा, फार्मासिस्ट प्रमाणपत्र और ड्रग सेल लाइसेंस भी आवश्यक होंगे। इन सभी शर्तों को पूरा करने के बाद, इच्छुक व्यक्ति चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

इस योजना में प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र के लाभार्थियों और सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी। डॉ. पांडेय के अनुसार, पहले आवेदन की अंतिम तिथि 2 दिसंबर निर्धारित की गई थी, लेकिन बढ़ती रुचि को देखते हुए अब इसे बढ़ा दिया गया है। संशोधित तिथि वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि सस्ती दवाइयां उपलब्ध होने से इलाज का खर्च कम होगा और पशुओं की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी।

नए केंद्रों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

पशु औषधि केंद्रों की स्थापना से न केवल पशुपालकों को मदद मिलेगी, बल्कि यह केंद्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से जिले में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को नया दिशा-निर्देश मिलेगा और पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This