नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार : पहली टेस्ट फ्लाइट की सफल लैंडिंग, जानिए कब हो सकता है उद्घाटन

Share This Article

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर शुक्रवार को टेस्ट फ्लाइट की सफल लैंडिंग के साथ ही उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठा लिया गया है। यह फ्लाइट दिल्ली से उड़ान भरकर नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित तरीके से उतरी। इस सफल परीक्षण के साथ एयरपोर्ट पर चल रही कैलिब्रेशन प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। केलिब्रेशन फ्लाइट का परीक्षण लगभग दो घंटे तक चला। इस दौरान एक विमान को हवाई अड्डे पर उतारा गया। केलिब्रेशन फ्लाइट का उद्देश्य नए हवाई अड्डे की उड़ान सुरक्षा और नेविगेशन सिस्टम की जांच करना होता है।

यह वही टेस्ट फ्लाइट थी जिसे एक दिन पहले खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण स्थगित कर दिया गया था। महानिदेशालय नागर विमानन (DGCA) ने शुक्रवार को मौसम अनुकूल होने पर टेस्ट लैंडिंग की अनुमति दी। फ्लाइट के उतरते ही पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। अधिकारियों और इंजीनियरों ने तालियों से इस उपलब्धि का स्वागत किया। उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल जाएगा, जिसके बाद उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

मौसम बना बाधा, लेकिन टीम की तैयारी रही मजबूत

बृहस्पतिवार को नोएडा एयरपोर्ट पर टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से इंजीनियरिंग टीमों में थोड़ी निराशा थी। मौसम विभाग के अनुसार, उस दिन रनवे पर दृश्यता काफी कम थी, जिससे विमान की लैंडिंग जोखिमपूर्ण हो सकती थी। दिल्ली से उड़ान भरने को तैयार विमान को अंतिम क्षण में रोकना पड़ा। हालांकि, शुक्रवार सुबह से ही मौसम में सुधार देखा गया और दृश्यता सामान्य होने पर डीजीसीए ने ट्रायल के लिए अनुमति दे दी। इस बार पूरी टीम ने अतिरिक्त सतर्कता के साथ तैयारी की। रनवे से लेकर नेविगेशन सिस्टम, लाइटिंग और एटीसी टॉवर की कार्यक्षमता को दोबारा जांचा गया।

जब विमान रनवे पर उतरा, तो ग्राउंड टीम ने तुरंत सभी नेविगेशन पैरामीटर्स की सटीकता की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, टेस्ट फ्लाइट का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि नोएडा एयरपोर्ट का पूरा सिस्टम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम कर रहा है। इस लैंडिंग ने यह साबित कर दिया कि एयरपोर्ट संचालन के लिए लगभग तैयार है।

 कैलिब्रेशन फ्लाइट: सुरक्षा मानकों की रीढ़

कैलिब्रेशन फ्लाइट हर नए हवाई अड्डे के लिए एक अनिवार्य प्रक्रिया होती है। इसका उद्देश्य यह जांचना होता है कि एयरपोर्ट के नेविगेशन, कम्युनिकेशन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम सही ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं। नोएडा एयरपोर्ट पर यह प्रक्रिया पिछले कुछ हफ्तों से चल रही थी। इसमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), वीओआर और डीएमई जैसे उपकरणों की सटीकता जांची गई। इन सभी परीक्षणों की निगरानी डीजीसीए की टीम ने की।

कैलिब्रेशन फ्लाइट के दौरान विमान निर्धारित ऊँचाइयों और कोणों पर उड़ान भरता है, ताकि यह परखा जा सके कि ग्राउंड उपकरण सही सिग्नल दे रहे हैं या नहीं। डेटा एनालिसिस के बाद यदि सब कुछ मानक के अनुरूप पाया जाता है, तो एयरपोर्ट को संचालन की मंजूरी मिल जाती है। नोएडा एयरपोर्ट के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यह टेस्ट न केवल तकनीकी दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों के मुताबिक, इस परीक्षण के परिणाम बेहद संतोषजनक रहे हैं और जल्द ही डीजीसीए से हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

 उद्घाटन की तारीख जल्द

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग से लेकर रनवे, पार्किंग, बैगेज सिस्टम और एयर ट्रैफिक टॉवर — सबकुछ तैयार है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एटीसी और राडार सिस्टम स्थापित कर दिए हैं, जबकि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से भी सुरक्षा मंजूरी मिल चुकी है।

सीआईएसएफ की तैनाती पहले ही की जा चुकी है और पिछले हफ्ते टर्मिनल का सफल परीक्षण हुआ, जिसमें यात्रियों की एंट्री, सुरक्षा जांच, बोर्डिंग गेट और बैगेज हैंडलिंग जैसी पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया। अब केवल औपचारिक एयरोड्रम लाइसेंस का इंतजार है। जैसे ही डीजीसीए से अनुमति मिलेगी, उद्घाटन की तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 15 नवंबर तक सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

पहले भी हुआ था ट्रायल, अब अंतिम चरण में संचालन

यह पहली बार नहीं है जब नोएडा एयरपोर्ट पर विमान उतरा हो। दिसंबर 2024 में भी इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस ए-320 ने रनवे पर सफल लैंडिंग की थी। उस समय केवल बुनियादी लैंडिंग और टेकऑफ परीक्षण किए गए थे। लेकिन इस बार कैलिब्रेशन फ्लाइट के साथ पूरे सिस्टम का परीक्षण हुआ है, जिसमें हर तकनीकी पहलू का गहराई से निरीक्षण किया गया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह सफल परीक्षण न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह हवाई अड्डा खुलने के बाद एशिया के सबसे बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब्स में से एक बनने जा रहा है। इसके शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

जैसे-जैसे उद्घाटन की तारीख नजदीक आ रही है, पूरे राज्य में उत्साह बढ़ता जा रहा है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘न्यू इंडिया’ दृष्टि को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This