लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 61वें ICAA ICON का भव्य उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। इस मौके पर उन्होंने लोगों को अस्थमा, एलर्जी और फेफड़ों की बीमारियों के प्रति जागरूकता और इनसे बचाव के उपायों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये बीमारियां समय पर पहचान और सावधानी न बरतने पर गंभीर रूप ले सकती हैं।
स्वास्थ्य और जागरूकता पर जोर
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सुधार और रोगों की रोकथाम के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वातावरण, पौधे लगाने, धूल-गर्दा कम करने और सार्वजनिक वाहनों के उपयोग से न केवल वायु प्रदूषण कम होगा, बल्कि अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियों से बचाव भी संभव होगा।
उन्होंने नागरिकों को अपने आस-पास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने और हरित क्षेत्रों में वृद्धि करने की सलाह दी। ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि छोटे-छोटे बदलाव जैसे कि धूम्रपान न करना, प्रदूषण वाले क्षेत्रों से दूरी बनाना और मास्क का उपयोग करना फेफड़ों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद और अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन न केवल डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों को नई जानकारियों से जोड़ते हैं, बल्कि आम लोगों में भी स्वास्थ्य और रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।
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भारत में अस्थमा की स्थिति
डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि भारत में लगभग 5% लोग अस्थमा से पीड़ित हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जागरूकता और सही इलाज से इन रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ जरूरी सुझाव भी दिए:
- धूल और प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का नियमित उपयोग
- घर और आसपास के क्षेत्रों में अधिक पौधे लगाना
- धूम्रपान से दूरी बनाना और प्रदूषण वाले इलाकों में कम समय बिताना
- फेफड़ों और श्वसन तंत्र की समय-समय पर जांच कराना
डॉ. वेद प्रकाश ने जोर देकर कहा कि सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि रोगों से बचाव के उपाय भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
रिपोर्ट – परवेज जैदी




