बाराबंकी/हैदरगढ़, उत्तर प्रदेश: बाराबंकी के लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे स्थित बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला से मारपीट के मामले में NHAI ने कड़ा कदम उठाया है। घटना के बाद आक्रोशित वकीलों के प्रदर्शन को देखते हुए टोल वसूली एजेंसी मेसर्स स्काई लार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने दोषियों को जेल भेजने के साथ NHAI को पत्र लिखा था। NHAI ने 5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त की और एजेंसी को एक साल के लिए किसी भी टेंडर में भाग लेने से रोक दिया। टोल का कार्यभार अब इनोविजन लिमिटेड को सौंपा गया है। नई एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। सुरक्षा के लिए टोल पर पुलिस और पीएसी तैनात हैं। पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थित गतौना टोल प्लाजा पर अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के हस्तक्षेप के बाद एनएचएआई ने गतौना टोल प्लाजा का ठेका तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यह कार्रवाई टोल प्लाजा पर हुई हिंसक घटना के वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने और अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थित गतौना टोल प्लाजा का है।
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14 जनवरी को प्रतापगढ़ जिले के परानूपुर (थाना हथिगवां) निवासी अधिवक्ता रत्नेश कुमार शुक्ला, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत हैं, अपनी कार से लखनऊ जा रहे थे।
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उनके साथ तीन अन्य अधिवक्ता भी मौजूद थे।
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टोल प्लाजा पर शुल्क को लेकर टोल कर्मियों से कहासुनी हो गई।
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आरोप है कि बहस के बाद टोल कर्मी भड़क गए और अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई।
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इस दौरान अधिवक्ता की सोने की अंगूठी भी छीन ली गई।
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मारपीट में अन्य अधिवक्ता भी घायल हुए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया और अधिवक्ताओं में भारी रोष देखा गया। विरोध के चलते कुछ समय के लिए टोल प्लाजा को टोल फ्री भी कर दिया गया।
प्रमुख फैसले:
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टोल प्लाजा का ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द
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एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी
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₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू
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अनुबंध उल्लंघन के चलते एजेंसी को एक वर्ष के लिए NHAI की किसी भी बोली में भाग लेने से प्रतिबंधित
एनएचएआई ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि टोल प्लाजा पर हिंसा, दुर्व्यवहार या अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई तय है। प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी इस तरह की घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पांच आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी, अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि:
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिन्हित किए गए लोगों में से पाँच आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा टोल का संचालन कर रही कंपनी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। संबंधित कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है और टोल संचालन की जिम्मेदारी नई कंपनी को सौंप दी गई है। इसके अलावा कंपनी पर पेनाल्टी भी लगाई गई है। प्रशासन की ओर से सभी अधिवक्ताओं को यह आश्वासन दिया गया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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