हर साल 23 नवंबर को दुनिया भर में 'नेशनल एस्प्रेसो डे' (National Espresso Day) मनाया जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए खास होता है जो एस्प्रेसो के मजबूत स्वाद और उसकी अद्भुत खुशबू का आनंद लेना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि केवल एक विशेष प्रकार की कॉफी को समर्पित यह दिन क्यों मनाया जाता है? चलिए, जानते हैं इसके पीछे की कहानी और इसका रोचक इतिहास।
नेशनल एस्प्रेसो डे (National Espresso Day) – एक नजर
-
एस्प्रेसो का जादू
-
एक छोटा सा शॉट कॉफी आपकी सुबह को ऊर्जा से भर देता है।
-
स्ट्रॉन्ग फ्लेवर और क्रीमी फोम इसे खास बनाते हैं।
-
यह ड्रिंक आपको इटली की कैफे संस्कृति की सैर कराती है।
-
-
कब और क्यों मनाया जाता है
-
हर साल 23 नवंबर को इसे मनाया जाता है।
-
यह सिर्फ कॉफी पीने का दिन नहीं, बल्कि कॉफी बनाने की कला और समय बचाने के महत्व का उत्सव भी है।
-
एक शॉट के पीछे एक सदी पुराना रोचक इतिहास छिपा है।
-
-
एस्प्रेसो का इतिहास
-
1901 में इटली के Luigi Bezzera ने भाप के दबाव से कॉफी तैयार करने वाली मशीन बनाई।
-
इससे कॉफी कुछ ही सेकंड में क्रीमी और फ्लेवरफुल बन जाती थी।
-
इसी खोज ने मॉडर्न एस्प्रेसो कल्चर की नींव रखी और लोगों को जोड़ने का माध्यम बनी।

-
-
नेशनल एस्प्रेसो डे क्यों खास है
-
यह दिन एस्प्रेसो की अनोखी विरासत और साझा अनुभव को सम्मान देता है।
-
परफेक्ट एस्प्रेसो बनाने की कला – सही तापमान, सही दबाव और संतुलन का उत्सव।
-
-
नेशनल एस्प्रेसो डे मनाने के तरीके
-
लोकल कैफे विजिट करें
-
स्पेशल ऑफर्स और नए फ्लेवर्स का आनंद लें।
-
-
एस्प्रेसो टेस्टिंग पार्टी
-
दोस्तों या परिवार के साथ विभिन्न ब्लेंड्स और हल्की से लेकर डीप रोस्ट का स्वाद लें।
-
-
बारिस्ता वर्कशॉप
-
कॉफी बनाने की कला सीखें और स्किल्स बढ़ाएँ।
-
-
नए ब्लेंड्स आजमाएं
-
सिंगल-ओरिजिन: किसी खास इलाके की बीन्स से बनी कॉफी।
-
सीजनल/स्पेशल एडिशन: फेस्टिवल या मौसम अनुसार लिमिटेड ब्लेंड।
-
ब्राउन शू ब्लेंड: मिडियम रोस्ट, स्मूद और क्रीमी।
-
ग्रीन आइज: डार्क रोस्ट, गहरा और स्ट्रॉन्ग फ्लेवर।
-
फ्लेवर प्रोफाइल ब्लेंड्स: चॉकलेट, कैरेमल, या फ्रूट अंडरटोन वाले ब्लेंड्स।
यह भी पढ़ें : भारत में चार नए लेबर कोड लागू: 29 पुराने श्रम कानून खत्म, श्रम व्यवस्था में बड़ा बदलाव
-
-







