लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए “मिशन शक्ति 5.0” के तहत पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त बनाना और उन्हें हर स्तर पर सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। मुख्यमंत्री योगी के इस मिशन के जरिए न केवल अपराध पर नियंत्रण बल्कि सामाजिक जागरूकता भी बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्यव्यापी अभियान
मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश के हर जिले, तहसील, कस्बे और गांव तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की कि “महिलाओं की सुरक्षा ही प्रदेश की प्राथमिकता है।”
इस दौरान एंटी रोमियो स्क्वायड को सक्रिय किया गया, जो स्कूल-कॉलेज, बाजार, मंदिर, पार्क, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखता है। पुलिस ने इस दौरान 1 लाख 8 हजार से अधिक सार्वजनिक स्थलों की जांच की और करीब 9 लाख 77 हजार व्यक्तियों की तलाशी ली, ताकि किसी भी तरह की छेड़खानी, उत्पीड़न या असामाजिक गतिविधि को रोका जा सके।
अभियान के ठोस परिणाम और आंकड़े
मिशन शक्ति 5.0 के दौरान पुलिस ने अपने व्यापक अभियान में अब तक 2,542 अभियोग पंजीकृत किए हैं, जबकि 3,972 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा 3 लाख से अधिक लोगों को चेतावनी दी गई ताकि भविष्य में वे किसी तरह की असामाजिक गतिविधियों में शामिल न हों।
पुलिस ने 53,237 निरोधात्मक कार्रवाइयां भी कीं, जो अपराध पर नियंत्रण के लिए उठाए गए निर्णायक कदमों में गिनी जा रही हैं।
इस अभियान के तहत नवरात्रि और दशहरा पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया। प्रदेशभर में 55,377 देवी पंडालों और 4,947 रामलीला स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। पुलिस ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाली बल्कि स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए।
महिला सशक्तिकरण के लिए जनजागरण अभियान
मिशन शक्ति केवल एक कानून-व्यवस्था कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन अभियान बन चुका है। यूपी पुलिस ने महिलाओं और किशोरियों को आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए 39,911 महिला चौपालों का आयोजन किया।
इन चौपालों में पुलिस अधिकारियों, महिला सशक्तिकरण विभाग और स्थानीय समाजसेवियों ने महिलाओं को बताया कि वे कैसे अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित कर सकती हैं और किसी भी घटना की सूचना तुरंत 112 या 1090 हेल्पलाइन पर दे सकती हैं।
साथ ही, आम जनता को जागरूक करने के लिए 1.56 करोड़ से अधिक पंपलेट, पोस्टर और स्टिकर वितरित किए गए। इन सामग्रियों में महिलाओं के अधिकारों, कानूनों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि “महिलाओं की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने मिशन शक्ति को न केवल पुलिसिंग का बल्कि जनआंदोलन बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया है। सरकार का लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग — परिवार से लेकर स्कूल, कॉलेज और दफ्तर तक — महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं कि महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 112 पर आने वाली प्रत्येक कॉल पर तत्काल कार्रवाई हो। इसके अलावा, थानों में महिला डेस्क की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि पीड़ित महिलाएं बिना भय या झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
सामाजिक और प्रशासनिक सहयोग से बदलता माहौल
विशेषज्ञों का मानना है कि मिशन शक्ति 5.0 न केवल अपराध नियंत्रण बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का प्रतीक है। जहां पहले महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संकोच करती थीं, अब वे आत्मविश्वास के साथ आवाज उठा रही हैं।
शिक्षा संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने भी इस मिशन में सक्रिय भागीदारी दिखाई है। कई जिलों में कॉलेजों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण, सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे युवतियों में आत्मबल और जागरूकता बढ़ रही है।
