उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने हाल ही में Meerut का दौरा किया और विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने ब्लॉक रजपुरा स्थित सुनवाई केंद्र का दौरा कर नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही, अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि सही मतदाता को किसी नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर नाम सूची में नहीं है या कोई त्रुटि है, तो फॉर्म-6 भरकर उसे ठीक कराया जा सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मतदाता सूची में एक से अधिक जगह नाम होना कानूनन गलत है। ऐसे मामलों में फॉर्म-7 भरकर नाम हटवाना जरूरी है।

नोटिस और निस्तारण की स्थिति
जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से Meerut में 6.48 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। ये वे मामले थे, जिनमें मैपिंग नहीं हुई थी या किसी तरह की तार्किक विसंगति पाई गई थी। अब तक 61 प्रतिशत मामलों का समाधान हो चुका है। हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस प्रगति पर पूरी संतुष्टि नहीं जताई। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीके सिंह को निर्देश दिए कि शेष नोटिसों का निस्तारण जल्द पूरा किया जाए।
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 27 मार्च तय की गई है, जबकि 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।

सुनवाई केंद्र का निरीक्षण
दौरे की शुरुआत ब्लॉक रजपुरा स्थित नोटिस सुनवाई केंद्र से हुई। यहां Meerut के मतदाताओं से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता के साथ शालीन और पारदर्शी व्यवहार किया जाए। युवाओं और महिलाओं से अपील की गई कि यदि उनका नाम सूची में नहीं है, तो 6 मार्च 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर अपने बीएलओ को जमा कर दें।
उन्होंने ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ और एनजीएसपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।

राजनीतिक दलों के साथ बैठक
विकास भवन सभागार में Meerut के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। भाजपा, सपा, रालोद और बसपा सहित कई दलों ने अपने सुझाव रखे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि नए मतदाताओं को जोड़ने में उनकी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में औसतन 73 प्रतिशत नोटिस सुनवाई हो चुकी है, जबकि Meerut में यह आंकड़ा 61 प्रतिशत है। इसे तय समय सीमा में शत-प्रतिशत करना होगा।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। यहां Meerut की सातों विधानसभा क्षेत्रों से 70 बीएलओ और 14 सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उनके प्रयासों की सराहना की और बताया कि इस कार्य में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। औरैया जिला निस्तारण में सबसे आगे है, जबकि मऊ में 52 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।

प्रगति पर चिंता
प्रेसवार्ता में उन्होंने दोहराया कि Meerut में 61 प्रतिशत निस्तारण संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि 27 मार्च की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शिकायतों का समाधान और कंप्यूटर फीडिंग तेज की जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से प्रगति प्रतिशत कम दिख रहा है, लेकिन होली के बाद अभियान को और गति दी जाएगी।
कुल मिलाकर, Meerut में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर प्रशासन सक्रिय है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सही मतदाता को चिंता करने की जरूरत नहीं है, बस समय रहते फॉर्म-6 या फॉर्म-7 भरकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आने वाले दिनों में Meerut में इस अभियान की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है, ताकि 10 अप्रैल तक अंतिम सूची बिना किसी बड़ी त्रुटि के प्रकाशित हो सके।
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