मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव से अपहृत युवती को पुलिस ने हरिद्वार से बरामद कर लिया है। आरोपी पारस सोम को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले को लेकर शनिवार को राजनीतिक घमासान हुआ, विपक्षी नेता सड़कों पर उतर आए और कपसाड़ कूच की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने किसी को भी गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। मेरठ और सहारनपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में युवती को सुरक्षित ढूंढ़ लिया गया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए शांति बनाए रखने की अपील की और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपी युवक और अपहृत युवती को बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने कुल 10 टीमें गठित की थीं, जो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं।
क्या है पूरा मामला?
कपसाड़ गांव में 8 जनवरी 2026 को सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत में काम करने गई थी। इस दौरान सुनील राजपूत और पारस सोम ने हथियारों के बल पर रूबी का अपहरण कर लिया। जब सुनीता ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे घायल कर दिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई थी, जिसमें विपक्षी नेताओं ने प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और अपहृत युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने युवती की बरामदगी की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी और युवती पुलिस हिरासत में हैं और युवती के बयान 11 जनवरी को कोर्ट में दर्ज किए जा सकते हैं।
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