जनपद संभल के बनियाखेड़ा गांव की अनुपमा सिंह की कहानी ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन चुकी है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर अब नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। जहाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला। वह भी पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह आर्थिक संघर्ष से जूझ रही थी। जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जुड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। आज इनके साथ 23 महिलाएं जुड़ी हैं जबकि आवश्यकता के अनुसार 70 महिलाएं भी उनके साथ कार्य करती हैं। उनका वार्षिक कारोबार लगभग 25 लाख रुपए तक पहुंच चुका है। जनपद संभल की लखपति दीदी, अनुपमा सिंह, की कहानी आज ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बन चुकी है। अपने सीमित संसाधनों से शुरू किए गए सफर ने उन्हें दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया, जहाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का गौरव प्राप्त हुआ।
ग्रामीण महिलाओं की संघर्ष यात्रा
अनुपमा सिंह का जीवन पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह संघर्षों से भरा था, लेकिन जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बदलाव आया। आत्मनिर्भर बनने के संकल्प ने उन्हें नई दिशा दी। उन्होंने गोमय उत्पादन को अपना उद्यम बनाकर अपनी आय बढ़ाई और साथ ही अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़ा।
आर्थिक सफलता का सफर
वर्तमान में, अनुपमा सिंह के साथ सक्रिय रूप से 23 महिलाएं जुड़ी हैं, और जरूरत के अनुसार 70 महिलाएं उनके साथ कार्य करती हैं। उनका वार्षिक कारोबार अब लगभग 25 लाख रुपए तक पहुंच चुका है। उनके उत्पादों में होली के हर्बल गुलाल, रसगुल्ला, ब्यूटी पार्लर सेवाएं, मोटे अनाज के लड्डू और गाय के गोबर से बने अन्य उत्पाद शामिल हैं।
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गणतंत्र दिवस पर मिली पहचान
इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर से 14 लखपति दीदियों को आमंत्रित किया गया। अनुपमा सिंह भी इनमें से एक थीं, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। इस मंच पर उन्हें केंद्रीय मंत्री से वार्ता करने का भी अवसर मिला।
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स्वागत समारोह और सामूहिक खुशी, जिलाधिकारी की भूमिका
दिल्ली से लौटने के बाद, उनके समूह की महिलाओं ने अनुपमा सिंह का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया और तिलक भी किया। यह दृश्य काफी उत्साहपूर्ण था, और सभी महिलाएं नृत्य करते हुए अपनी खुशी का इजहार कर रही थीं।
अनुपमा सिंह ने इस सफलता के पीछे जिलाधिकारी संभल, डॉ. राजेंद्र पैंसिया का आभार व्यक्त किया, जिनकी अहम भूमिका ने उन्हें नागपुर में ट्रेनिंग के लिए भेजा। अनुपमा सिंह ने बताया कि यदि वह ट्रेनिंग नहीं होती, तो उन्हें यह सफलता नहीं मिलती।
विकासखंड का सम्मान
बनियाखेड़ा विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी अमित यादव ने इस उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि अनुपमा सिंह ने न केवल बनियाखेड़ा विकासखंड का बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है।
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