Kaushambi पुलिस और STF का बड़ा एक्शन: चोरी की ट्रकों के चेसिस नंबर बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Share This Article

उत्तर प्रदेश के Kaushambi जिले से आज अपराध जगत की एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। कोखराज थाना क्षेत्र में पुलिस की नाक के नीचे चल रहे एक बड़े वाहन माफिया सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यूपी एसटीएफ (STF) की प्रयागराज इकाई ने बुधवार को कोखराज थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक यार्ड में छापेमारी की। इस कार्रवाई में Kaushambi पुलिस और एसटीएफ ने पाया कि वहां चोरी की गई और फाइनेंस टूटी हुई ट्रकों के चेसिस नंबर बदलकर उन्हें नए कागजों पर बेचने का खेल चल रहा था।

थाने के पास ही बना रखा था अवैध यार्ड

हैरानी की बात यह है कि आरोपी कासिम अहमद ने Kaushambi के कोखराज थाने के बिल्कुल पीछे अपना ठिकाना बना रखा था। एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इस यार्ड से चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री की जा रही है। जब एसआई विनय तिवारी की टीम ने यार्ड का गेट खुलवाया, तो वहां प्रयागराज का रहने वाला कासिम अहमद मिला। जांच के दौरान यार्ड के अंदर दो संदिग्ध ट्रकें खड़ी मिलीं, जिनकी बारीकी से पड़ताल करने पर चेसिस नंबर के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई। Kaushambi के इस यार्ड में ट्रकों के फर्जी कागजात भी पहले से तैयार कर लिए गए थे।

चोरी की ट्रकों को नया रूप देने का खेल

पूछताछ के दौरान आरोपी कासिम ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से पुरानी या फाइनेंस वाली ट्रकें लाता था। किस्त अधिक होने पर वह उन गाड़ियों के चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेच देता था। Kaushambi पुलिस की जांच में पता चला कि यार्ड से बरामद छह चक्का ट्रक महाराष्ट्र के एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी, जिसे हाईवे से चोरी करके लाया गया था। कासिम ने एक 16 चक्का ट्रक को भी चेसिस नंबर बदलकर करीब 30 लाख रुपये में बेचने का सौदा कर लिया था।

तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

इस पूरे सिंडिकेट में कासिम अकेला नहीं था। Kaushambi के कोखराज थाने में इस मामले को लेकर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें कासिम अहमद के अलावा प्रयागराज का अनिल तिवारी और मेरठ का मोहम्मद तारिक भी शामिल है। पुलिस ने कासिम को तो मौके से गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अनिल और तारिक अभी भी फरार हैं। Kaushambi पुलिस की कई टीमें इन दोनों की तलाश में अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं।

वाहन खरीदारों के लिए पुलिस की चेतावनी

पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे पुरानी गाड़ियां खरीदते समय बेहद सावधानी बरतें। केवल कागजों पर भरोसा न करें, बल्कि चेसिस नंबर और इंजन नंबर की भौतिक जांच किसी एक्सपर्ट या कंपनी के रिकॉर्ड से जरूर करवाएं। कौशांबी के इस यार्ड में जिस तरह से सफाई के साथ नंबर बदले जा रहे थे, वह आम आदमी के लिए पहचानना मुश्किल था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरटीओ कार्यालय के कुछ लोग भी इस फर्जीवाड़े में शामिल थे।

Kaushambi में एसटीएफ और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी जीत है। हाईवे पर होने वाली वाहन चोरी और फर्जी कागजात के धंधे पर इससे लगाम लगेगी। प्रशासन का कहना है कि जिले में सक्रिय ऐसे किसी भी अवैध यार्ड या सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही फरार चल रहे बाकी दो आरोपी भी सलाखों के पीछे होंगे।

यह भी पढ़ें: Petrol-Diesel पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, तेल कंपनियों को राहत

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This