Kannauj के ठठिया स्थित विशिष्ट आलू मंडी में मंगलवार को प्रदेश के कृषि मंत्री Dinesh Pratap Singh ने औचक निरीक्षण किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री को शाम 4:30 बजे पहुंचना था, लेकिन वे दोपहर करीब 2 बजे ही मंडी पहुंच गए। तय समय से करीब ढाई घंटे पहले उनके पहुंचने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि उस समय स्वागत की तैयारियां चल रही थीं।
मंडी पहुंचकर मंत्री ने सीधे किसानों से संवाद किया। बातचीत के दौरान कई किसानों ने धान खरीद में भ्रष्टाचार को लेकर लिखित शिकायतें सौंपीं। किसानों ने बताया कि धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों का दबदबा है और आम किसानों का धान समय पर नहीं खरीदा जा रहा। आरोप यह भी लगा कि भूमिहीन व्यक्तियों के नाम पर फर्जी पंजीकरण कर धान की खरीद की जा रही है।

किसानों का कहना था कि खरीद केंद्रों पर रसूखदार लोगों का प्रभाव है, जिससे असली किसानों की बजाय दलालों का धान बड़ी मात्रा में लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रभारी राजकुमार श्रीवास्तव अनुपस्थित मिले, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए मंडी सचिव रघुराज प्रताप सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए।
धान खरीद में अनियमितताओं की शिकायतों पर मंत्री का रुख कड़ा दिखाई दिया। उन्होंने मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को कमरे में बुलाकर फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आगे किसी भी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में अधूरे निर्माण कार्य और खाली पड़ी जमीन को देखकर भी मंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खाली स्थान पर निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजा जाए, ताकि किसानों की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। इस औचक निरीक्षण से साफ संकेत मिला है कि सरकार धान खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता और किसानों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
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