जैसलमेर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘स्वर्णनगरी एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाई

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राजस्थान के रेगिस्तानी शहर जैसलमेर में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई सुपरफास्ट रेल सेवा ‘स्वर्णनगरी एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दिल्ली-जैसलमेर के बीच शुरू हुई यह नई ट्रेन न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक और तेज विकल्प बनेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

इस मौके पर रेलवे ने राजस्थान के बॉर्डर क्षेत्रों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की कि एक ऐसी महायोजना, जिसके तहत अनूपगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और भीलड़ी जैसे बॉर्डर इलाकों को नई रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। रेल मंत्री ने इसे “विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए बराबर ज़रूरी” बताया।

कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि सीमावर्ती जिलों में मजबूत रेल नेटवर्क तैयार करने के लिए एक नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट ( DPR) तैयार हो चुकी है और आने वाले महीनों में इसका प्रारूप अंतिम रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ रेल संपर्क बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है। सीमा क्षेत्रों में त्वरित सैन्य तैनाती, राहत सामग्री, रसद और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। इसके साथ ही इन इलाकों में रोजगार, व्यापार, पर्यटन और सामाजिक विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।

उद्घाटन समारोह के दौरान एक दिलचस्प पल तब देखने को मिला, जब केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्रेन का नाम बदलने का सुझाव रखा। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या इस नई ट्रेन को ‘स्वर्णनगरी एक्सप्रेस’ कहा जाए? भीड़ की जोरदार सहमति पर रेल मंत्री ने तुरंत घोषणा करते हुए इसके नाम को बदल दिया। अब यह ट्रेन 1 दिसंबर से ‘स्वर्णनगरी एक्सप्रेस’ के नाम से नियमित रूप से चलेगी।

‘स्वर्णनगरी एक्सप्रेस’ का समय, रूट और सुविधाएँ

नई सुपरफास्ट सेवा के शुरू होने से दिल्ली और जैसलमेर के बीच यात्रा और ज्यादा तेज और आरामदायक हो जाएगी।

  • गाड़ी संख्या 12249 – शकूरबस्ती से प्रतिदिन रवाना होकर अगले दिन जैसलमेर पहुंचेगी

  • गाड़ी संख्या 12250 – जैसलमेर से शाम 5 बजे रवाना होकर दिल्ली पहुंचेगी

यह ट्रेन खासकर उन यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी जो पर्यटन, व्यापार या बॉर्डर इलाकों की यात्रा करते हैं। जैसलमेर के पर्यटन उद्योग को भी इससे मजबूत बढ़त मिलने की उम्मीद है, क्योंकि स्वर्णनगरी दुनिया भर के यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

‘वन स्टेशन–वन प्रोडक्ट’ स्टॉल पर रेल मंत्री की खरीदारी

रेल मंत्री का जैसलमेर स्टेशन पर एक और विशेष पहलू देखने को मिला। उन्होंने ‘वन स्टेशन–वन प्रोडक्ट’ (OSOP) स्टॉल से स्थानीय पत्थर से बना प्याला खरीदा। उन्होंने इसका ऑनलाइन भुगतान करते हुए स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस कदम से राजस्थान के पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान और बाजार मिलने की उम्मीद है। समारोह के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल राजस्थान में लगभग 55 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट संचालित हैं। इसके तहत 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण, स्टेशनों के डिजाइन में राजस्थान की संस्कृति, स्थापत्य और धरोहर की झलक, जैसलमेर में नया कोचिंग मेंटेनेंस डिपो, जैसलमेर–जोधपुर रेलवे लाइन का अपग्रेडेशन योजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में रेल सेवाएँ और अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक हो जाएंगी।

विकास और सुरक्षा दोनों को मजबूती देगा नया नेटवर्क

सीमावर्ती जिलों में मजबूत रेल कनेक्टिविटी, देश की सुरक्षा के लिए भी रणनीतिक महत्व रखती है। रेल मंत्री के अनुसार “तेज और सुरक्षित रेल संपर्क सेना की तैनाती, लॉजिस्टिक्स और राहत कार्यों को समय पर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।” इसके साथ ही पर्यटन, व्यापार, रोजगार, स्थानीय उद्योग और सामाजिक संपर्क को भी नई रफ़्तार मिलेगी।

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