मध्य प्रदेश के Jabalpur में पुलिस और एक अपराधी के बीच लुका-छिपी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, जहाँ एक शातिर चोर ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। 400 से ज्यादा चोरियों को अंजाम दे चुका यह मास्टरमाइंड पूरे 5 घंटे तक काई से भरे तालाब के भीतर छिपा रहा और सांस लेने के लिए उसने जो तरीका अपनाया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।
चलती ट्रेन से कूदकर तालाब में लगाई छलांग
यह पूरा ड्रामा जबलपुर-इतवारी ट्रेन में शुरू हुआ। ट्रेन के एसी (AC) कोच में एक महिला का पर्स चोरी कर यह चोर भागने की फिराक में था, तभी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की इस पर नजर पड़ गई। खुद को घिरा देख सिहोरा स्टेशन के पास जैसे ही ट्रेन धीमी हुई, आरोपी ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। पुलिस पीछे लगी थी, तो वह पास ही मौजूद एक गहरे और काई से भरे तालाब में कूद गया। रात का अंधेरा और तालाब की सतह पर जमी मोटी काई की वजह से वह पल भर में पुलिस की आंखों से ओझल हो गया।

कमल की डंडी और 5 घंटे का ‘ऑक्सीजन’ मिशन
पुलिस को लगा कि शायद चोर डूब गया है, लेकिन हार न मानते हुए फौरन गोताखोरों को बुलाया गया। करीब 5 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। चौंकाने वाली बात यह थी कि शातिर अपराधी ने खुद को पानी के नीचे पूरी तरह डुबो लिया था। जिंदा रहने के लिए उसने तालाब में मौजूद कमल की एक खोखली डंडी (कमल की नाल) को पाइप की तरह इस्तेमाल किया। वह डंडी का एक सिरा मुंह में दबाकर और दूसरा सिरा पानी की सतह से बाहर निकालकर सांस लेता रहा। हालांकि, गोताखोरों की पैनी नजर से वह बच नहीं पाया और आखिरकार उसे पानी के भीतर से खींच बाहर निकाला गया।
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पूर्व पार्षद निकला 400 चोरियों का ‘सुपरचोर’
पकड़े जाने के बाद आरोपी ने पुलिस को खूब गुमराह किया और कई फर्जी नाम बताए। लेकिन जब Jabalpur पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाले और पुरानी तस्वीरों से मिलान किया, तो बड़े खुलासे हुए। यह शख्स उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला हरविंदर सिंह उर्फ सनी है।
हैरानी की बात तो यह है कि हरविंदर 2017 में बिजनौर के हल्दौर से निर्दलीय पार्षद का चुनाव भी जीत चुका है। एक पूर्व पार्षद होने के बावजूद वह 8 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। वह मुख्य रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोच को निशाना बनाता था और टीटीई से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता था।
करोड़ों के गहने और रिवॉल्वर की चोरी
हरविंदर का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है। साल 2018 में पुलिस ने इसके पास से 70 लाख रुपये के हीरे-जवाहरात बरामद किए थे। यही नहीं, इसने अवंतिका एक्सप्रेस से एक यात्री की लाइसेंसी रिवॉल्वर और लाखों का कैश भी चोरी किया था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस इस शातिर ‘पार्षद चोर’ से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।
Jabalpur की यह घटना दिखाती है कि अपराधी पकड़े जाने के डर से किसी भी हद तक जा सकते हैं। लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं। कमल की डंडी के सहारे 5 घंटे तक पानी में छिपे रहने की उसकी चालाकी आखिरकार धरी की धरी रह गई। पुलिस की मुस्तैदी ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है जिसकी तलाश कई राज्यों की पुलिस को थी।
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