भारत में एप्पल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एप्पल के आईफोन 16 ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में धमाल मचाते हुए चीन की वीवो को भी पीछे छोड़ दिया। यह स्मार्टफोन अब भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन बन चुका है, जो ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बेहद आकर्षक ऑफर्स के साथ उपलब्ध है।
आईफोन 16 की बिक्री का नया रिकॉर्ड
काउंटरप्वाइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले 11 महीनों में एप्पल ने लगभग 65 लाख आईफोन 16 यूनिट्स की बिक्री की। इसने भारतीय बाजार में बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स समर्थित वीवो के वाई29 5जी को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन का खिताब हासिल किया। वीवो ने इस दौरान 47 लाख यूनिट्स की बिक्री की और दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, आईफोन 15 की बिक्री भी 33 लाख यूनिट्स तक पहुंची और यह टॉप 5 बेस्ट-सेलिंग स्मार्टफोन्स में जगह बना सका।

महंगे स्मार्टफोन की बढ़ती मांग
यह उपलब्धि भारतीय बाजार में बदलते ग्राहक व्यवहार को दर्शाती है। पहले भारत में अधिकांश ग्राहक सस्ते और मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदते थे, लेकिन अब महंगे स्मार्टफोन्स की मांग में तेजी आ रही है। एप्पल ने अपनी स्मार्टफोन कीमतों को आकर्षक ऑफर्स के साथ कम किया है। इसके लिए नो-कॉस्ट ईएमआई, कैशबैक और बैंक स्कीम जैसी सुविधाएं ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।
भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग और विस्तार
एप्पल ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाया है, जिससे अब हर पांचवे आईफोन का निर्माण या असेंबली भारत में होने लगी है। हाल ही में एप्पल ने बेंगलुरु, पुणे और नोएडा में तीन नए स्टोर खोले हैं, जिससे कंपनी के कुल पांच स्टोर हो गए हैं। इसके साथ ही, भारत से एप्पल ने रिकॉर्ड 2 अरब डॉलर के आईफोन एक्सपोर्ट किए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट है।
भारतीय बाजार में नई रणनीतियाँ
एप्पल की यह सफलता स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाकर चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति का परिणाम है। एप्पल ने भारत में अब प्रो और प्रो मैक्स मॉडल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। इससे न केवल भारतीय ग्राहकों को बेहतर उत्पाद मिल रहे हैं, बल्कि भारत में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं।
भारत से बढ़ता एप्पल का निर्यात
2025 के वित्तीय वर्ष में एप्पल इंडिया ने 9 अरब डॉलर की घरेलू बिक्री की, और भारत से भेजे गए आईफोन की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अमेरिका से एप्पल का रेवेन्यू 178.4 अरब डॉलर के करीब पहुंचा, जिसमें 43 प्रतिशत योगदान भारत से आईफोन की निर्यात से हुआ।
नवीनतम रणनीति और भविष्य की दिशा
एप्पल की इस रणनीति का असर अब भारतीय स्मार्टफोन बाजार में स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। महंगे स्मार्टफोन की बढ़ती मांग और एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि के कारण, कंपनी का भारत में भविष्य उज्जवल नजर आ रहा है। साथ ही, ग्राहक अब केवल प्रीमियम ब्रांड्स पर ही नहीं, बल्कि उन स्मार्टफोन कंपनियों पर भी भरोसा कर रहे हैं जो भारतीय मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी हों। इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारत में स्मार्टफोन बाजार लगातार बदल रहा है, और एप्पल ने इसे बखूबी समझा है।
आईफोन 16 की यह सफलता भारत में एप्पल की मजबूती और स्मार्टफोन बाजार में अपनी प्रस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। एप्पल के लिए यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय बाजार के बदलते ट्रेंड्स और उपभोक्ता व्यवहार का संकेत भी है।
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